
Gautam Gambhir era begins: कभी हार न मानने का जज्बा... अपनी शर्तों पर आगे बढ़ते रहे हैं गौतम गंभीर
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गौतम गंभीर को BCCI ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया. बोर्ड को उम्मीद है कि वह इस पद पर ‘दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता’ लाएंगे जिस पर हाल तक राहुल द्रविड़ ‘शानदार सफलता’ के साथ काबिज थे. द्रविड़ का कार्यकाल पिछले महीने बारबाडोस में टी20 विश्व कप में भारत की जीत के साथ समाप्त हुआ था.
Gautam Gambhir era begins in Indian cricket: पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया. बोर्ड को उम्मीद है कि वह इस पद पर ‘दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता’ लाएंगे, जिस पर हाल तक राहुल द्रविड़ ‘शानदार सफलता’ के साथ काबिज थे.
भारत की 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाने वाले 42 साल के बाएं हाथ के बल्लेबाज गंभीर द्रविड़ की जगह लेने की दौड़ में सबसे आगे थे. द्रविड़ का कार्यकाल पिछले महीने बारबाडोस में टी20 विश्व कप में भारत की जीत के साथ समाप्त हुआ था.
मुखर व्यक्तित्व के लिए भी जाने जाते हैं गंभीर
गंभीर वह खिलाड़ी हैं, जिन्होंने वीरेंद्र सहवाग के साथ मिलकर भारतीय सलामी जोड़ी को नई दिशा दी थी, लेकिन उन्हें अपने मुखर व्यक्तित्व के लिए भी जाना जाता है और यही वजह है कि वनडे विश्व कप 2011 में खिताब जीत का श्रेय केवल महेंद्र सिंह धोनी को मिलने पर उन्होंने जब तब आपत्ति जताई.
अपने कभी हार न मानने के जज्बे के कारण भारतीय क्रिकेट में अलग पहचान बनाने वाले गौतम गंभीर को अपनी शर्तों पर काम करने वाला व्यक्ति भी माना जाता है और यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम के मुख्य कोच की भूमिका में वह किस तरह से आगे बढ़ते हैं.
अब टीम इंडिया को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












