
83 World Cup: टीम का इकलौता एंग्लो-इंडियन, जिसने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तबाही मचा दी थी
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रोजर बिन्नी ने इस मैच में कुल चार विकेट लिए, 8 ओवर का स्पेल और 29 रन देकर चार विकेट. रोजर बिन्नी के इस कमाल ने पूरा मैच ही बदल दिया. उन्होंने ग्राहम वूड, ग्राहम येलॉप, कप्तान डेविड हूक्स और अंत में टॉम होगान को आउट किया.
टीम इंडिया ने 1983 का वर्ल्डकप जब जीता, तो उसमें सबसे स्पेशल बात यह थी कि हर मैच में जीत के साथ टीम को एक नया हीरो मिल रहा था. जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में जब कपिल देव ने ऐतिहासिक पारी खेली उसके बाद भारतीय टीम का जोश हाई था. लेकिन इसके बाद अगला ही मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ था. ऑस्ट्रेलिया इससे पहले 1975 के वर्ल्डकप में रनर-अप रह चुकी थी. ऐसे में उस टीम को हराना इतना आसान नहीं था. ऑस्ट्रेलिया के सामने एक मौका ये भी था कि अगर वह टीम इंडिया को मात देती तो सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाती. लेकिन उस दिन की कहानी कुछ और ही साबित हुई. इस मैच में भारत की जीत हुई और हीरो निकले ऑल-राउंडर रोजर बिन्नी. टीम में शामिल एकमात्र एंग्लो इंडियन खिलाड़ी, जो बॉलिंग और बैटिंग दोनों से कमाल कर सकता था. इस मैच में भी भारत की शुरुआत बेहतरीन नहीं थी, सुनील गावस्कर का वर्ल्डकप लगातार नीरस ही चल रहा था. यहां पर भी ऐसा ही हुआ, सुनील गावस्कर के अलावा अन्य खिलाड़ी भी कोई बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाए.

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