
Virat Kohli: 'दो बार ICC ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचे, फिर भी फेल कप्तान कहा...', छलका विराट कोहली का दर्द
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पूर्व कप्तान विराट कोहली ने एक बार फिर आईसीसी ट्रॉफी के बारे में बात की है. विराट ने कहा कि उनकी कप्तानी में टीम दो बार फाइनल में पहुंची, एक बार सेमीफाइनल में पहुंची लेकिन फिर भी उन्हें फेल कप्तान माना गया.
भारतीय महिला टीम ने हाल ही में टी-20 वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल में पहुंचने का मौका गंवाया है और एक बार फिर वर्ल्ड कप जीतने का सपना टूट गया. महिला टीम की तरह पुरुष टीम भी पिछले 10 साल से एक आईसीसी ट्रॉफी का इंतज़ार कर रही है. इस बीच लंबे वक्त तक टीम इंडिया की कप्तानी विराट कोहली ने संभाली है, कोहली ने एक बार फिर इन ट्रॉफी पर बात की है. आईपीएल 2023 से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु द्वारा पॉडकास्ट सीरीज़ रिलीज़ की गई है, इसमें पूर्व कप्तान विराट कोहली ने बात की है. विराट कोहली से पूछा गया कि क्या आपको यह कभी चुभा कि आपने आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीती है. विराट कोहली ने कहा, ‘आप हमेशा टूर्नामेंट जीतने के लिए ही खेलते हो, मैंने चैम्पियंस ट्रॉफी 2017, वर्ल्ड कप 2019, वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2021, टी-20 वर्ल्ड कप 2022 में कप्तानी की. हम चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल, वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल और वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचे थे, लेकिन उसके बाद भी मुझे फेल कप्तान बताया गया’.
2011 वर्ल्ड कप जीते थे कोहली
कोहली बोले कि मैं साल 2011 के वर्ल्ड कप में भी था, तब मैंने फाइनल में था और पहले फाइनल में ही मुझे जीत मिली थी. मैं इसके लिए पागल नहीं रहा हूं कि मेरी कैबिनेट ट्रॉफी से भरी रहे. आपको बता दें कि विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया में टेस्ट में नंबर-1 बनी, लेकिन उनके कार्यकाल में टीम इंडिया कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाई. विराट कोहली ने ये भी बताया कि कप्तानी के रोल के लिए महेंद्र सिंह धोनी ने ही उन्हें चुना था. मैं फील्ड के दौरान इनपुट देता था, मैं उस वक्त मैच विनिंग पारी भी खेल रहा था और इन इनपुट की वजह से क्रिकेट को लेकर मेरी सीरियसनस का पता एमएस धोनी को लगा. इसी दौरान उन्होंने मुझे अपना उत्तराधिकारी चुना, जब मैं बाद में कप्तान बना तब भी हमारा रिलेशनशिप ऐसा ही रहा और दोनों के बीच एक सम्मान था.
बता दें कि विराट कोहली की अगुवाई में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु भी कोई आईपीएल खिताब नहीं जीत पाई थी, उन्होंने कप्तानी छोड़कर फाफ डु प्लेसिस को कप्तान बनाया था. विराट कोहली को बार-बार ऐसा कप्तान बताया गया था, जिनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने कोई बड़ा टूर्नामेंट नहीं जीता था.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट के राजनीतिक तनाव का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट पर दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC भविष्य के बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है. 2029 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2031 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया मजबूत विकल्प बनकर उभरा है, जबकि एशियाई देशों के बीच यात्रा विवाद से शेड्यूलिंग मुश्किल हो गई है.

वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.

पाकिस्तानी टीम की हार क्या हुई, इस पर पूरे मुल्क में लगातार टीम को ट्रोल किया जा रहा है. क्या पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी, क्या पूर्व दिग्गज, क्या सोशल मीडिया के इंफ्लुएंसर और क्या पाकिस्तान के पॉलिटिशिन, सब उनके पीछे पड़ गए . वहीं पाकिस्तान के पूर्व मंत्री ने भी भी उनको ट्रोल करने की कोशिश की, लेकिन वो इस दौरान लाइन क्रॉस कर गए.








