
बिहार टू दुबई वाया दिल्ली… T20 वर्ल्ड कप में गया का लड़का, जिसने कर दिया कमाल!
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गया की धूल भरी गलियों से निकलकर दिल्ली में क्रिकेट की नींव रखने वाला यह बल्लेबाज़, दुबई में दिनभर नौकरी और रात में नेट्स की जिंदगी झेलकर अब T20 वर्ल्ड कप में यूएई टीम का नया सितारा बन चुका है. कनाडा के खिलाफ ऐतिहासिक जीत में उसकी विस्फोटक पारी ने टीम को बड़ी सफलता दिलाई.
टी20 वर्ल्ड कप-2026 का 20वां मैच... दिल्ली की सर्द रात, फ्लडलाइट्स से जगमगाता अरुण जेटली स्टेडियम और हजारों दर्शकों के बीच एक ऐसा बल्लेबाज क्रीज पर उतरा, जिसकी जर्सी पर यूएई का लोगो था, लेकिन दिल में अब भी बिहार के गया की मिट्टी की खुशबू बसती थी.
13 परवरी को कनाडा के खिलाफ 151 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए यूएई 66/4 पर लड़खड़ा चुका था. मैच हाथ से निकलता दिख रहा था. तभी सोहैब खान ने मोर्चा संभाला. 29 गेंदों में 51 रनों की विस्फोटक पारी...और देखते ही देखते मैच यूएई की झोली में. यह सिर्फ एक जीत नहीं थी; यह उस शख्स की वापसी थी, जिसने कभी इसी शहर में बड़े सपने देखे थे.
तीन दिन बाद दिल्ली में ही अफगानिस्तान के खिलाफ फिर वही आत्मविश्वास. सामने थे दुनिया के बेहतरीन स्पिनरों में शुमार राशिद खान और मुजीब उर रहमान... लेकिन सोहैब ने 48 गेंदों में 68 रन बनाकर साबित कर दिया कि उनका उभार संयोग नहीं, संकल्प है. लगातार दो अर्धशतक, और वो भी टी20 वर्ल्ड कप जैसे मंच पर...27 साल के बल्लेबाज ने खुद को विश्व क्रिकेट के नक्शे पर दर्ज करा दिया.
गया से शुरू हुआ सपना
सोहैब का जन्म बिहार के गया में हुआ, जहां क्रिकेट के लिए सुविधाएं सीमित थीं. बचपन में बड़े भाई अल्तमश खान को खेलते देख उनके भीतर जुनून जगा. 2003 वर्ल्ड कप की यादें आज भी उनके दिमाग में ताजा हैं. सचिन और सहवाग की आक्रामक बल्लेबाजी उन्हें आकर्षित करती थी, लेकिन असली प्रेरणा बने महेंद्र सिंह धोनी.
14 साल की उम्र में सोहैब दिल्ली आ गए और जामिया मिल्लिया इस्लामिया से जुड़कर क्रिकेट की शुरुआत की. टेनिस बॉल से लेदर बॉल तक का सफर आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने खुद को ढाला. 2017 में बिहार की रणजी और विजय हजारे ट्रॉफी कैंप तक पहुंचे, पर अंतिम चयन से चूक गए. सपना जैसे बार-बार दरवाजे पर दस्तक देता, लेकिन खुलता नहीं था.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट के राजनीतिक तनाव का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट पर दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC भविष्य के बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है. 2029 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2031 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया मजबूत विकल्प बनकर उभरा है, जबकि एशियाई देशों के बीच यात्रा विवाद से शेड्यूलिंग मुश्किल हो गई है.

वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.

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पाकिस्तान के ऑलराउंडर इमाद वसीम ने तलाक की घोषणा के दो महीने के भीतर दूसरी शादी कर ली है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में अपने फैसलों पर पछतावा जताते हुए नई पत्नी नायला के साथ शांत और सम्मानजनक जीवन की उम्मीद जताई. वहीं पहली पत्नी सानिया अशफाक ने रिश्ते टूटने के पीछे तीसरे व्यक्ति की भूमिका सहित गंभीर आरोप लगाए हैं.







