
T20 World Cup 2022: 'बेदिली क्या यूं ही दिन गुजर जाएंगे..', टीम इंडिया के नाम एक फैन का खुला खत
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टीम इंडिया का टी-20 वर्ल्ड कप 2022 में सफर खत्म हुआ और एक बार फिर वर्ल्ड कप जीतने का सपना सिर्फ सपना ही रह गया. 2007 में जब पहला टी-20 वर्ल्ड कप हुआ था, तब भारत की जीत हुई थी. उसके बाद से भारतीय क्रिकेट फैन्स के हिस्से में बस इंतज़ार आया है. इस बार भी जब हार मिली तब एक क्रिकेट फैन का क्या हाल है, जानिए...
बे-दिली क्या यूँही दिन गुज़र जाएँगे सिर्फ़ ज़िंदा रहे हम तो मर जाएँगे रक़्स है रंग पर रंग हम-रक़्स हैं सब बिछड़ जाएँगे सब बिखर जाएँगे
टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में मिली हार का गम है, गम नहीं गुस्सा भी है. गम को बयां करने का कुछ रास्ता नहीं मिला तो पाकिस्तान के मशहूर शायर जौन एलिया फिर से याद आए. गम की शायरी करने वाले जौन एलिया का ये शेर (जो ऊपर लिखा है) इस मौके पर सटीक बैठता है. 23 जून, 2013 के बाद दिन ऐसे ही तो बीत रहे हैं, इंतज़ार में. एक आईसीसी ट्रॉफी का इंतज़ार. तब भारत ने महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में चैम्पियंस ट्रॉफी जीती थी, उसके बाद भारत कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाया.
मेरे जैसे लाखों, करोड़ों फैन्स हर बार दिल तुड़वाते हैं और फिर कुछ दिनों में सब भूल जाते हैं. अभी भी यही होगा, इंग्लैंड से सेमीफाइनल में मिली हार के बाद कुछ खिलाड़ी अपने घर आ रहे हैं और कुछ न्यूजीलैंड जा रहे हैं. वहां पर सीरीज़ खेली जाएगी और हम सब जो अभी इतने गम, गुस्से और सदमे में हैं, क्रिकेटर्स को कोस रहे हैं. फिर से उस दिन भारत-न्यूजीलैंड का मैच देखेंगे, फिर तालियां पीटेंगे और जीत पर जश्न मनाएंगे.
पिछले टी-20 वर्ल्ड कप में बुरा हाल हुआ तो विराट कोहली की कप्तानी चली गई, रवि शास्त्री भी चले गए. हमें लगा कि चलो, कुछ झटका लगा है. रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ आए, बहुत हल्ला मचा. भाई, जो कप्तान पांच-पांच आईपीएल ट्रॉफी जीत चुका है, लगा कि अब तो कमाल हो जाएगा. अब तो ट्रॉफी ही ट्रॉफी होंगी, जीत ही जीत होंगी. जीत तो मिली, लेकिन द्विपक्षीय सीरीज़ में और वो भी अधिकतर तो घर पर ही मिली.
एशिया कप में पिट गए, तब लगा चलो रोहित शर्मा कि अगुवाई में पहला मल्टीनेशनल टूर्नामेंट था. आगे ठीक हो जाएगा, अब वर्ल्ड कप में भी पिट गए. यानी एक साल में कुछ नहीं बदला, बदली तो सिर्फ जगह, कप्तान और बाकी सो है, वो तो है ही. पहले यूएई में हारे थे, अब ऑस्ट्रेलिया में हार गए. पिछले एक साल में जिस तरह की चीज़ें इंडियन टीम में देखने को मिली, तब लगा कि बहुत ज्यादा ही प्रयोग हो रहे हैं.
अजीब लगता था लेकिन राहुल द्रविड़ को लेकर मन में ऐसी छवि बन बैठी है, तब लगा कि यार, ये बंदा कुछ गलत तो नहीं कर रहा होगा. लेकिन गलत हुआ और ब्लंडर हुआ. मैं और आप जैसे ना जाने कितने ही क्रिकेट फैन इस बार तो मानकर चल रहे थे कि भैया, कमाल होगा. कप्तान रोहित शर्मा हैं, विराट कोहली फॉर्म में आ गए हैं. फिनिशर दिनेश कार्तिक भी हैं, मज़ा ही आ जाएगा.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट के राजनीतिक तनाव का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट पर दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC भविष्य के बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है. 2029 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2031 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया मजबूत विकल्प बनकर उभरा है, जबकि एशियाई देशों के बीच यात्रा विवाद से शेड्यूलिंग मुश्किल हो गई है.

वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.









