
T20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 में क्यों हो रही सारे टॉपर्स की टक्कर, क्या है प्री-सीडिंग का खेला... समझें पूरा गणित
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T20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 में भारत का मुकाबला सिर्फ ग्रुप टॉपर्स से होना किसी संयोग का नहीं, बल्कि टूर्नामेंट की प्री-सीडिंग व्यवस्था का नतीजा है. पहले से तय रैंकिंग स्लॉट के कारण भारत X1 पोजिशन में रहा और उसी स्लॉट में आने वाली टीमें उसके साथ जुड़ती चली गईं, जिससे ग्रुप बेहद मजबूत बन गया.
T20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर 8 का समीकरण देखने पर एक सवाल सबसे ज्यादा उठ रहा है कि आखिर भारतीय टीम को अपने ग्रुप में सभी टेबल टॉपर्स से ही क्यों भिड़ना पड़ रहा है. दरअसल, यह स्थिति अचानक नहीं बनी, बल्कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले तय की गई प्री-सीडिंग प्रणाली का सीधा असर है.
टी20 वर्ल्ड कप में कुल 20 टीमों को चार ग्रुप A, B, C और D में बांटा गया था, हर ग्रुप में पांच टीमें शामिल थीं. प्रत्येक ग्रुप से टॉप दो टीमें सुपर 8 में पहुंचीं, जिससे आठ टीमों का अगला राउंड तय हुआ.
सुपर 8 में पहुंचने के बाद इन टीमों को फिर से दो ग्रुप (ग्रुप 1 और ग्रुप 2) में चार-चार के ग्रुप में रखा गया, जहां राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में मुकाबले खेले जाने हैं. हर ग्रुप से टॉप दो टीमें सेमीफाइनल में जाएंगी.
भारत वाले ग्रुप में ही क्यों जमा हैं सारे टेबल टॉपर? इसका जवाब टूर्नामेंट की प्री-सीडिंग सिस्टम में छिपा है. आईसीसी ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले टॉप रैंक वाली आठ टीमों को अलग-अलग स्लॉट (X और Y क्लासिफिकेशन) में बांट दिया था ताकि बाद के राउंडों का ढांचा पहले से तय रहे.
भारत को X1 सीड दिया गया था. इसी श्रेणी में अन्य मजबूत टीमों को भी रखा गया था.इस कारण सुपर 8 का ग्रुप 1 लगभग पहले से तय ढांचे के अनुसार बना, जिसमें बाद में क्वालिफाई करने वाली टीमें उसी स्लॉट में फिट होती चली गईं.
ऑस्ट्रेलिया के बाहर होते ही बदला समीकरण X2 सीड पर मौजूद Australia सुपर 8 में जगह नहीं बना सका. उसकी जगह उसी ग्रुप से क्वालिफाई करने वाली जिम्बाब्वे को उस स्लॉट में डाल दिया गया.यहीं से भारत वाले ग्रुप का संतुलन पूरी तरह बदल गया और सभी ग्रुप विजेता एक ही ग्रुप में आ गए.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट के राजनीतिक तनाव का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट पर दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC भविष्य के बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है. 2029 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2031 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया मजबूत विकल्प बनकर उभरा है, जबकि एशियाई देशों के बीच यात्रा विवाद से शेड्यूलिंग मुश्किल हो गई है.

वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.









