
T20 वर्ल्ड कप प्रोमो पर सवाल ही सवाल... जब ‘फुकरे’ को हायर करेंगे, तो ऐड भी ‘फुकरा’ ही मिलेगा
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भारत-पाक और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों की कहानियों में सम्मान, इतिहास और संघर्ष छिपा है... उन्हें हल्का बनाना दर्शकों की समझ को कम आंकना है. अंततः संदेश यही है कि खेल में विनम्रता और गरिमा जरूरी है- वरना ट्रोलिंग का निशाना खुद प्रसारक भी बन सकता है.
कभी-कभी नाम ही काफी होता है. भारत vs पाकिस्तान T20 वर्ल्ड कप मुकाबले के लिए स्टार स्पोर्ट्स ने एक इन्फ्लुएंसर को प्रोमो का चेहरा बनाया- नाम है फुकरा इंसान. दिक्कत यह है कि जब आप ‘फुकरे’ को हायर करते हैं, तो विज्ञापन भी ‘फुकरा’ ही बनता है- भद्दा, बेस्वाद और बेमानी. लगता है मानो क्रिएटिव टीम ने शब्द का अर्थ शब्दकोश से उठाकर सीधे स्क्रीन पर उतार दिया हो.
फुकरा इंसान, जो यूट्यूब पर रिएक्शन वीडियो के लिए जाने जाते हैं, दूसरों के पलों को उधार लेकर उन्हें अपने चेहरे और हाव-भाव से 'कंटेंट' बना देने में माहिर हैं. लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेटीय प्रतिद्वंद्विता को महज लिफ्ट में बनावटी मुस्कान और तंज तक समेट देना- यह रचनात्मकता नहीं, आलस्य है.
प्रतिद्वंद्विता का ट्रोल, या ट्रोल की प्रतिद्वंद्विता?
भारत-पाकिस्तान मुकाबले के प्रोमो में ICC नॉकआउट में भारत के 8-1 के रिकॉर्ड को ऐसे परोसा गया, मानो यही पूरी कहानी हो. आंकड़ा बिल्कुल सही है, इसमें कोई दो राय नहीं. लेकिन सच होना ही पर्याप्त नहीं होता- रचनात्मक होना भी जरूरी है. यही सबसे आसान, सबसे सुरक्षित और सबसे आलसी रास्ता था. जरा सोचिए, आपके सामने दुनिया की सबसे रोमांचक और सबसे ज्यादा देखी जाने वाली क्रिकेटीय प्रतिद्वंद्विता का कैनवास हो, और आप उसी पुराने, घिसे-पिटे आंकड़े पर आकर ठहर जाएं. यह कल्पना की कमी नहीं तो और क्या है?
Rivalry? More like domination! 👀🔥 Team India gear up to repeat history and push the record to 8-1 🇮🇳💥 ICC Men's #T20WorldCup 👉 #INDvPAK, SUN, FEB 15, 6 PM! pic.twitter.com/AygTK0RTEK
फैन्स 'अहा' सुनना चाहते हैं, 'अरे ये तो सबको पता है...' वाला जंभाई नहीं.यानी कुछ ऐसा तो दीजिए जो फैन्स के मुंह से 'वाह!' निकलवा दे...न कि ऐसा जिसे देखकर वे ऊब जाएं, क्योंकि वही आंकड़े फिर परोसे जा रहे हैं जो हर किसी को पहले से याद हैं.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट के राजनीतिक तनाव का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट पर दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC भविष्य के बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है. 2029 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2031 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया मजबूत विकल्प बनकर उभरा है, जबकि एशियाई देशों के बीच यात्रा विवाद से शेड्यूलिंग मुश्किल हो गई है.

वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.









