
PSL 2022, Haris Rauf: कैच छोड़ने की सजा थप्पड़! फील्डर पर आगबबूला हुए पाकिस्तानी बॉलर हारिस रऊफ
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पेशावर ज्ल्मी के खिलाफ हुए मुकाबले में लाहौर के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ गुस्से में नजर आए. उनके लिए यह मुकाबला काफी खराब रहा. वह बल्ले से नाकाम रहे और गेंद से भी कोई खास कमाल नहीं कर पाए.
पाकिस्तान के लाहौर में पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के एक मुकाबले में पाकिस्तानी तेज गेंदबाज हारिस रऊफ भावनाओं में बह गए. सोमवार शाम पेशावर जाल्मी और लाहौर कलंदर के बीच हुए मुकाबले में हारिस अपनी ही टीम के खिलाड़ी को बीच मैदान में थप्पड़ जड़ते दिखाई दिए. हारिस ने कामरान गुलाम को कैच ड्रॉप करने पर थप्पड़ जड़ दिया. लाहौर कलंदर की तरफ से खेलने वाले रऊफ के लिए पेशावर के खिलाफ मुकाबला काफी मुश्किल रहा. Wreck-it-Rauf gets Haris! #HBLPSL7 l #LevelHai l #LQvPZ pic.twitter.com/wwczV5GliZ

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट के राजनीतिक तनाव का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट पर दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC भविष्य के बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है. 2029 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2031 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया मजबूत विकल्प बनकर उभरा है, जबकि एशियाई देशों के बीच यात्रा विवाद से शेड्यूलिंग मुश्किल हो गई है.

वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.









