
Pakistan-Turkey से मुकाबले के लिए Greece से रक्षा संबंध मजबूत करेगा India, दोनों देशों में कई मुद्दों पर सहमति
Zee News
तुर्की और ग्रीस में लंबे समय से विवाद चल रहा है. ऐसे में भारत का ग्रीस के करीब जाना तुर्की के लिए स्पष्ट संदेश है कि यदि उसने कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन जारी रखा, तो उसे भी परेशानी उठानी पड़ सकती है. तुर्की कई मौकों पर कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के पक्ष में बयानबाजी कर चुका है.
एथेंस: पाकिस्तान-तुर्की (Pakistan-Turkey) गठजोड़ के खिलाफ भारत (India) ने ग्रीस (Greece) के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है. इसी के तहत हाल ही में दोनों देशों के बीच बातचीत हुई. दरअसल, तुर्की और पाकिस्तान लगातार एक-दूसरे के करीब आते जा रहे हैं. तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन (Recep Tayyip Erdogan) ने कश्मीर पर पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया है. इसके बदले में इमरान खान (Imran Khan) भूमध्य सागर विवाद में तुर्की के साथ खड़े होने का ऐलान कर चुके हैं. इसलिए भारत इस गठजोड़ की काट खोजने में जुट गया है और ग्रीस को करीब लाना इसी कोशिश का हिस्सा है. ‘ग्रीक सिटी टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 मई को ग्रीस के नागरिक सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय संबंध महानिदेशालय के जनरल डायरेक्टर डॉ. कॉन्स्टेंटिनो पी बालोमेनोस ने एथेंस में भारत के रक्षा अटैशे कर्नल अनुपम आशीष (Anupam Ashish) के साथ बैठक की. इस दौरान भारत और ग्रीस के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर सहमति भी बनी है. साथ ही कई अन्य मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया.
Russia Oresnik Hypersonic Missile: फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने यूक्रेन पर रूस की ओर से ओरेशनिक मिसाइल के हमले का जिक्र किया. यूक्रेन में जिस जगह पर हमला हुआ वह NATO देश पोलैंड की सीमा के पास स्थित है. इस जगह पर F-16 और मिग-29 लड़ाकू विमानों की सर्विसिंग हो रही थी. इस हमले का जिक्र करते हुए मैक्रों ने कहा कि यूरोप अब ऐसी मिसाइलों की सीधी रेंज में है. इस घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता है.

Iran Khamenei Protests: दिसंबर 2025 में देश में मंहगाई के यह खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुआ था. जो अब बड़े आंदोलन में बदल गया है. देश भर में लोग सड़कों पर उतरकर शासन के खात्मे की मांग कर रहे हैं. जगह-जगह पर खामेनेई के पोस्टर जलाए जा रहे हैं. ईरानी सरकार ने उन्हें रोकने के लिए बेहद सख्त और हिंसक रवैया अपनाया है.

Iran missile power: ईरान इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है और उसके पास मौजूद मिसाइलों का जखीरा दुनिया के किसी भी आधुनिक डिफेंस सिस्टम को मिट्टी में मिलाने का दम रखता है. तेहरान ने सालों की मेहनत और पाबंदियों के बावजूद एक ऐसी 'आसमानी फौज' खड़ी कर ली है, जिसकी रफ्तार और ताकत का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है.

Saudi Arabia Buy JF-17 Fighter Jets: पाकिस्तान JF-17 को एक किफायती और युद्ध में आजमाया लड़ाकू विमान बता रहा है. इसे ही आधार बनाकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेश कर रहा है. अजरबैजान, नाइजीरिया, म्यांमार और लीबिया के साथ हुए सौदों का हवाला देकर इसकी मांग दिखाई जाती है. हालांकि पहले भी कई बार बड़े हथियार सौदों की खबरें सामने आईं है. जो बाद में केवल समझौता ज्ञापन (MoU) तक सीमित रह गईं.

Turkeys MKE Boran 105MM Light Howitzer: MKE ने बताया कि BORAN को साल 2021 में तुर्की सशस्त्र बलों में शामिल किया गया था. इसके बाद 2024 में बांग्लादेश को इसकी डिलीवरी हुई. जो तुर्की के इतिहास में पहली बार किसी होवित्जर तोप का विदेश निर्यात था. एशिया और यूरोप में किए गए प्रदर्शन और परीक्षणों ने इसकी क्षमताओं को और मजबूत किया.

Bulsae-4 missile North Korea weapons: उत्तर कोरिया ने दुनिया के सबसे खतरनाक टैंक रोधी हथियारों में से एक 'बुलसे-4' (Bulsae-4) का उत्पादन कई गुना बढ़ाने का फैसला किया है. यूक्रेन के युद्ध के मैदान में अपनी ताकत का लोहा मनवाने के बाद, अब यह मिसाइल और भी घातक होकर सामने आई है. इसे 'फायर एंड फॉरगेट' यानी 'दागो और भूल जाओ' हथियार कहा जाता है, जो पलक झपकते ही बड़े से बड़े टैंक को लोहे के कबाड़ में बदल देता है.







