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इस देश की पूरी एयरफोर्स 5वीं पीढ़ी के F-35 लड़ाकू विमान से हुई लैस, एक झटके में रिटायर कर दिए पुराने जेट; रूस पर मंडराया खतरा
Zee News
F-35 fighter jet: डेनमार्क की रॉयल डेनिश एयरफोर्स ने अपने आखिरी F-16 लड़ाकू विमानों को सेवा से हटा दिया. इसके साथ ही डेनमार्क दुनिया का तीसरा ऐसा देश बन गया है जिसकी पूरी वायुसेना अब केवल पांचवीं पीढ़ी के आधुनिक लड़ाकू विमानों (F-35A) से बनी है. इससे पहले साल 2022 में नॉर्वे और 2024 में नीदरलैंड्स यह मुकाम हासिल कर चुके हैं. डेनमार्क के ये पुराने F-16 विमान अब यूक्रेन और अर्जेंटीना की वायुसेना का हिस्सा बनेंगे.
F-35 fighter jet: दुनिया युद्ध की चपेट में है. यही वजह है कि कई देश अपनी मारक क्षमता को तेजी से बढ़ा रहे हैं. इसी कड़ी में डेनमार्क ने एक ऐसा कदम उठाया है. जिसके बाद वह दुनिया का तीसरा ऐसा देश बन गया है, जिसकी एयरफोर्स में केवल 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान हैं. डेनमार्क के लिए यह बदलाव किसी चमत्कार से कम नहीं है. जहां पुराने F-16 विमान शीत युद्ध के जमाने की तकनीक पर आधारित थे, वहीं अब उनके पास दुनिया का सबसे घातक स्टेल्थ फाइटर F-35A है. Military Watch Magazine के मुताबिक, इन दोनों विमानों के बीच करीब 30 साल की तकनीक का अंतर है. इसका मतलब यह है कि डेनमार्क की हवाई ताकत अब पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ गई है.
