
PAK vs AUS: रावलपिंडी की खराब पिच के बाद भी पाकिस्तान को ICC का भरोसा
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रावलपिंडी में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए पहले टेस्ट में गेंदबाजों को विकेट निकालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी. इस टेस्ट के पूरे 5 दिन कुल 16 गेंदबाजों ने सिर्फ 14 विकेट ही झटके.
रावलपिंडी में खेले गए ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच खेले गए पहले टेस्ट में पिच को लेकर विवाद खड़ा हुआ है. रावलपिंडी में खेले गए पहले टेस्ट का कोई नतीजा नहीं निकल पाया. पाचों दिन बल्लेबाजों के लिए मददगार पिच की टेस्ट मैच खत्म होने के बाद जमकर आलोचना हो रही है. हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उम्मीद जताई है इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) रावलपिंडी के विकेट को खराब प्रमाणित नहीं करेगी.
24 साल बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पाकिस्तान दौरे के लिए हामी भरी थी, यह सीरीज पाकिस्तान में क्रिकेट की पूरी तरह से वापसी के लिए भी काफी अहम मानी जा रही है. पाकिस्तान अब तक लंबे अंतराल में ही टीमों को पाकिस्तान में होस्ट करता था. PSL के ठीक बाद शुरू हुई टेस्ट सीरीज को लेकर सिर्फ पाक क्रिकेट फैन्स ही नहीं, बल्कि पूरा विश्व क्रिकेट जगत उत्साहित था. अब पहले टेस्ट के दौरान हुए खेल को लेकर विकेट की जमकर आलोचना की जा रही है.
5 दिन में गिरे सिर्फ 14 विकेट
इस पूरे मुकाबले में 5 दिनों में मात्र 14 विकेट गिरे और 1187 रन बने. पांचवें दिन दूसरी पारी पाकिस्तान ने बिना किसी विकेट खोए 252 रनों पर समाप्त की. इस पूरे मुकाबले में दोनों टीमों ने कुल 16 गेंदबाजों का इस्तेमाल किया. ऑस्ट्रेलियाई टीम के उपकप्तान स्टीव स्मिथ ने भी रावलपिंडी की विकेट को लेकर एक बड़ा बयान दिया था. स्टीव स्मिथ ने इस विकेट को पूरी तरह डेड करार दिया था.
रावलपिंडी की पिच पांचवें दिन तक पूरी तरह बेजान नजर आई. गेंदबाजों को कोई मदद नहीं मिली. दोनों टीमों के बीच अगला टेस्ट मुकाबला कराची के नेशनल स्टेडियम में 12 मार्च से खेला जाएगा.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट के राजनीतिक तनाव का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट पर दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC भविष्य के बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है. 2029 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2031 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया मजबूत विकल्प बनकर उभरा है, जबकि एशियाई देशों के बीच यात्रा विवाद से शेड्यूलिंग मुश्किल हो गई है.

वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.









