
MS Dhoni Team India: एमएस धोनी की टीम इंडिया में वापसी! T20 में कैसे होगा बेड़ा पार, BCCI का प्लान तैयार
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बीसीसीआई ने टी-20 फॉर्मेट में टीम इंडिया में सुधार लाने के प्लान पर काम शुरू किया है. टी-20 वर्ल्ड कप में मिली हार के बाद जो हाहाकार मचा है, उसके बाद अब बोर्ड कुछ कड़े फैसले ले सकता है. इसमें से एक महेंद्र सिंह धोनी को किसी तरह टीम इंडिया के साथ जोड़ा सकता है.
टी-20 वर्ल्ड कप 2022 में टीम इंडिया को सेमीफाइनल में हार मिली और एक बार फिर वर्ल्ड कप जीतने का सपना टूट गया. इस बार मिली हाल ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है, यही कारण है कि टीम इंडिया के टी-20 खेलने के तरीके को पूरी तरह से बदलने की बात की जा रही है. सवाल उठता है कि क्या बीसीसीआई पूरी तरह से तैयार है और बड़ा बदलाव करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे. टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई द्वारा टी-20 फॉर्मेट में नई जान फूंकने के लिए कुछ कदम उठाने को लेकर चर्चा चल रही है. इसमें हार्दिक पंड्या को टी-20 फॉर्मेट का कप्तान बनाना हो, या फिर टी-20 और वनडे में अलग-अलग कप्तान, कोच लेकर चलना हो. ऐसी चर्चाएं भी जारी हैं. लेकिन इस बीच जो बड़ी बात सामने आई है वो यह है कि बीसीसीआई एक बार फिर पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को टीम इंडिया के साथ जोड़ना चाहता है. आईसीसी टूर्नामेंट में टीम इंडिया को किस तरह क्रिकेट खेलना चाहिए, इसको लेकर महेंद्र सिंह धोनी के हाथ में जिम्मा सौंपा जा सकता है.
क्लिक करें: टी-20 वर्ल्ड कप 2022 से मिले 5 सबक, जिन्हें याद रखेगी टीम इंडिया! क्या होगा एमएस धोनी का रोल? एमएस धोनी को टी-20 वर्ल्ड कप 2021 के लिए भी बतौर मेंटर टीम इंडिया के साथ जोड़ा गया था, लेकिन वह सिर्फ एक टूर्नामेंट की बात थी और अचानक ऐसा होने पर कोई बड़ा असर नहीं दिखा था. लेकिन इस बार बात परमानेंट तरीके की हो रही है, ताकि तीन आईसीसी टूर्नामेंट जीतने वाले इकलौते कप्तान एमएस धोनी का मार्गदर्शन टीम इंडिया को मिल सके. रिपोर्ट के मुताबिक, एमएस धोनी आईपीएल 2023 के बाद आईपीएल को अलविदा कह सकते हैं. ऐसे में उनके पास वक्त होगा और बीसीसीआई उनसे टी-20 फॉर्मेट में टीम इंडिया के साथ काम करने को कह सकता है. क्योंकि हेड कोच राहुल द्रविड़ के लिए तीनों फॉर्मेट में एक-साथ काम करना काफी मुश्किल हो रहा है. तुरंत बड़े बदलाव करेगा बीसीसीआई? टीम इंडिया को टी-20 वर्ल्ड कप 2022 हारे अभी एक हफ्ता भी नहीं हुआ है और अचानक हलचल तेज़ होने लगी है. ऐसे में क्या बीसीसीआई जल्दबाजी में कोई फैसला लेगा या चीज़ों को आराम से हैंडल किया जाएगा. बता दें कि टी-20 का अगला वर्ल्ड कप 2024 में है, लेकिन उससे पहले 2023 में वनडे का वर्ल्ड कप है. ऐसे में क्या बोर्ड अभी से ही मिशन में जुट गया है और रोहित शर्मा की कप्तानी पर गाज गिरने वाली है?
आपको बता दें कि टीम इंडिया इस बार रोहित शर्मा की अगुवाई में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने ऑस्ट्रेलिया पहुंची थी. भारतीय टीम ने यहां सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन आगे नहीं बढ़ सकी. सेमीफाइनल में टीम इंडिया को इंग्लैंड ने 10 विकेट से मात दी और भारत के टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के सपने को तोड़ दिया. भारत ने आखिरी बार टी-20 वर्ल्ड कप 2007 में और आखिरी बार कोई आईसीसी ट्रॉफी साल 2013 में जीती थी, दोनों ही मौकों पर महेंद्र सिंह धोनी टीम इंडिया के कप्तान थे.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट के राजनीतिक तनाव का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट पर दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC भविष्य के बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है. 2029 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2031 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया मजबूत विकल्प बनकर उभरा है, जबकि एशियाई देशों के बीच यात्रा विवाद से शेड्यूलिंग मुश्किल हो गई है.

वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.









