
MS Dhoni: महेंद्र सिंह धोनी को सुप्रीम कोर्ट से लगा झटका, IPS अधिकारी की सजा पर लगी अंतरिम रोक
AajTak
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. धोनी ने साल 2022 में रिटायर्ड IPS अधिकारी जी संपत कुमार के खिलाफ अवमानाना का केस दायर किया था. मद्रास हाईकोर्ट ने संपत कुमार को सजा सुनाई थी, जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने अंतरिम रोक लगा दी है.
M S Dhoni contempt of court case: टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी जी संपत कुमार को 15 दिन की कैद की सजा सुनाई थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (5 फरवरी) को मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है.
धोनी ने साल 2022 में दायर की थी याचिका
न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाते हुए आईपीएस अधिकारी संपत कुमार द्वारा दायर याचिका पर नोटिस भी जारी किया. मामले की अगली सुनवाई 8 मार्च को होगी. धोनी ने साल 2022 में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पर कथित रूप से अपमानजक टिप्पणी होने पर अवमानना मामले (कंटेप्ट ऑफ कोर्ट केस) का केस IPS अधिकारी जी संपत कुमार के खिलाफ खिलाफ दायर किया था.
धोनी ने संपत कुमार के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की थी. हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि संपत कुमार ने जानबूझकर हाई कोर्ट के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट को बदनाम करने और उसके अधिकार को कम करने का प्रयास किया. हालांकि मद्रास हाई कोर्ट ने पूर्व आईपीएस अधिकारी को आदेश के खिलाफ अपील दायर करने की अनुमति देने के लिए 15 दिन की सजा को तीस दिन के लिए निलंबित कर दिया था. फिर संपत कुमार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.
धोनी ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सट्टेबाजी में उनका नाम आने के लिए 2014 में दायर मानहानि के मुकदमे के जवाब में दायर अपने जवाबी हलफनामे में न्यायपालिका के खिलाफ संपत कुमार द्वारा की गई टिप्पणियों के लिए उनको दंडित करने की मांग की थी, जिसमें 100 करोड़ रुपये के मुआवजे की भी मांग की गई थी.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












