
Lowest Score in Test Match: 27 ओवर, 26 रन... जब ताश के पत्तों की तरह बिखर गई कीवी टीम, अब भी कायम है रिकॉर्ड
AajTak
न्यूजीलैंड की टीम के नाम टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे कम स्कोर करने का रिकॉर्ड दर्ज है. साल 1955 में इंग्लैंड के खिलाफ हुए मुकाबले में कीवी टीम 26 रनों पर ही बिखर गई थी. भारतीय टीम का टेस्ट क्रिकेट में न्यूनतम स्कोर 36 रन है, जो उसने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साल 2020 में बनाया था.
क्रिकेट इतिहास में आज (28 मार्च) का दिन काफी खास है. 68 साल पहले यानी 28 मार्च 1955 को लेन हटन की कप्तानी में इंग्लैंड की टीम ने टेस्ट क्रिकेट में एक नया इतिहास रचा था. तब ऑकलैंड के इडेन पार्क में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को सिर्फ 26 रनों पर ढेर कर दिया था. यह टेस्ट क्रिकेट में अब भी किसी टीम का न्यूनतम स्कोर है.
इंग्लैंड की टीम ने दौरे का शानदार आगाज करते हुए डुनेडिन के यूनिवर्सिटी ओवल में खेले गए पहले टेस्ट में आठ विकेट से जीत दर्ज की थी, जिसके चलते उसके हौसले बुलंद थे. इंग्लैंड ने दूसरे टेस्ट में भी अच्छी शुरुआत करते हुए पहली पारी में न्यूजीलैंड को 200 रनों पर ऑलआउट किया. पहली पारी में न्यूजीलैंड के लिए जॉन रीड ने 73 और बर्ट सटक्लिफ ने 49 रन बनाए थे. इंग्लैंड की ओर से ब्रायन स्टैथम (4 विकेट) और बॉब एपलयार्ड (4 विकेट) ने शानदार प्रदर्शन किया था.
जवाब में इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 246 रन बनाए. इंग्लैंड के लिए कप्तान लेन हटन ने 53 और पीटर मे ने 48 रनों की पारियां खेली थीं. चूंकि इंग्लैंड के पास सिर्फ 46 रनों की बढ़त थी, ऐसे में शायद ही किसी फैन्स ने सोचा होगा कि न्यूजीलैंड को यह मुकाबला पारी और 20 रनों के अंतर से गंवाना पड़ेगा.
क्लिक करें- धोनी की कप्तानी, स्टोक्स का धमाल... IPL में इस बार चेन्नई को रोकना होगा मुश्किल!
मगर खेल के तीसरे दिन इंग्लिश गेंदबाजों ने ऐसा कोहराम मचाया कि कीवी टीम 27 ओवर्स में मात्र 26 रनों पर ही ढेर हो गई. न्यूजीलैंड की दूसरी पारी की सबसे बड़ी साझेदारी छह विकेट के लिए रही, वो भी सिर्फ 8 रनों की. कीवी कप्तान ज्योफ रैबोन (7) ने हैरी केव (5) के साथ मिलकर पारी की यह सबसे बड़ी साझेदारी की थी.
चार बल्लेबाज 0 पर हुए थे आउट

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट के राजनीतिक तनाव का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट पर दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC भविष्य के बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है. 2029 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2031 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया मजबूत विकल्प बनकर उभरा है, जबकि एशियाई देशों के बीच यात्रा विवाद से शेड्यूलिंग मुश्किल हो गई है.

वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.









