
Justin Langer: ‘बोर्ड की पॉलिटिक्स ने मुझे बाहर निकलने पर मजबूर किया’, पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लेंगर का छलका दर्द
AajTak
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कोच जस्टिन लेंगर ने बोर्ड की अंदरूनी राजनीति पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने बताया कि किस तरह उन्हें अपना पद छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा.
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और कोच जस्टिन लेंगर (Justin Langer) ने एक प्रोग्राम में अपने इस्तीफे को लेकर बात की है. जस्टिन लेंगर का कहना है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया बोर्ड की अंदरूनी राजनीति के चक्कर में उनके साथ बुरा हुआ और उन्हें कोच पद से इस्तीफा देना पड़ा. जस्टिन लेंगर ऑस्ट्रेलियाई टीम के मशहूर खिलाड़ी रहे हैं और 2018 से 2022 तक नेशनल टीम के कोच भी रहे. इसी साल फरवरी में जस्टिन लेंगर का कार्यकाल जब खत्म हुआ, तब उन्हें 6 महीने का एक्सटेंशन दिया गया. लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया. जस्टिन लेंगर की कोचिंग में ही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टी-20 वर्ल्डकप और एशेज़ पर कब्जा किया था, ऐसे में इतने बेहतर प्रदर्शन के बाद भी सिर्फ 6 महीने का एक्सटेंशन उन्हें सही नहीं लगा. अब इसी मसले पर जस्टिन लेंगर ने खुलकर बात की और कहा कि कोचिंग करियर के आखिरी 6 महीने उनके लिए सबसे बेहतर रहे. जस्टिन लेंगर ने कहा कि हमने काफी कुछ जीता, तब मेरे में जोश था और मैं पूरी तरह से फोकस था. वो भी तब जब बोर्ड में कई तरह की राजनीति चल रही थी. जस्टिन लेंगर ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के एक्टिंग चेयरमैन रिचर्ड फ्रूडस्टेन की आलोचना भी की है.
जस्टिन लेंगर ने बताया कि एक्टिंग चेयरमैन ने मुझे बोला कि तुम्हारे पुराने दोस्त मीडिया में अच्छी बातें कर रहे हैं, तब मैंने कहा था कि जिन दोस्तों की बात कर रहे हो वो ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के महान खिलाड़ी (रिकी पोंटिंग, एडम गिलक्रिस्ट, मैथ्यू हेडन और शेन वॉर्न) हैं, वहीं असली में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट हैं. अगर आप भी सपोर्ट करते तो तस्वीर कुछ और होती.
बता दें कि एशेज़ के बाद जब जस्टिन लेंगर का कार्यकाल खत्म हुआ, उस वक्त बोर्ड मीटिंग में बहस की बात भी सामने आई थी. हालांकि, तब चीज़ों को दबा दिया गया था. इसके अलावा कुछ प्लेयर्स जस्टिन लेंगर के कोचिंग के तरीके से खुश नहीं थे और उनकी सीनियर प्लेयर्स के साथ बहस की बात भी सामने आई थी.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट के राजनीतिक तनाव का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट पर दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC भविष्य के बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है. 2029 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2031 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया मजबूत विकल्प बनकर उभरा है, जबकि एशियाई देशों के बीच यात्रा विवाद से शेड्यूलिंग मुश्किल हो गई है.

वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.









