
IND vs AUS T20 series: टीम इंडिया से हुआ 'मोहभंग', कप्तान सूर्या की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे सिर्फ 2 पत्रकार
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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज की शुरुआत से पहले भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. चौंकाने वाली बात ये रही कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ दो पत्रकार पहुंचे.
भारतीय टीम को आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के हाथों छह विकेट से हार का सामना करना पड़ा था. इस हार के चलते भारत का तीसरी बार विश्व खिताब जीतने का सपना चकनाचूर हो गया, वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम छठी बार वर्ल्ड चैम्पियन बनने में कामयाब रही.
सूर्या की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुआ ये वाकया
वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज खेलने जा रही है, जिसका पहला मुकाबला 23 नवंबर को विशाखापट्टनम में है. इस मैच की शुरुआत से पहले भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. हालांकि चौंकाने वाली बात ये रही कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ दो पत्रकार पहुंचे, जिसके चलते यह प्रेस कॉन्फ्रेंस लगभग चार मिनट ही चला. सूर्या भी इस वाकये से हैरान रह गए और उन्होंने कहा सिर्फ 'दो लोग'?
🗣️ My message to the players is very clear - just be fearless and do whatever it takes to help the team 👌👌#TeamIndia Captain @surya_14kumar ahead of the 1st T20I against Australia.@IDFCFIRSTBank | #INDvAUS pic.twitter.com/jmjqqdcZBi
क्रिकेट इतिहास में पहली बार किसी भारतीय कप्तान के प्रेस कॉन्फ्रेंस में इतने कम जर्नलिस्ट पहुंचे. सूर्यकुमार यादव ने वर्ल्ड कप फाइनल की हार को लेकर कहा, 'यह मुश्किल है, इससे उबरने में समय लगेगा. ऐसा नहीं हो सकता कि आप अगली सुबह उठो और जो कुछ हुआ है, उसको भूल जाओ. यह बड़ा टूर्नामेंट था. हम इसे जीतना पसंद करते. लेकिन जैसे आप सुबह उठते हो, सूरज फिर उगता है, अंधेरे के बाद रोशनी होती है. आपको आगे बढ़ना होता है. यह नई टी20 टीम है जो चुनौती के लिए तैयार है.'
'यह निश्चित रूप से निराशानजक है'

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












