
ICC में BCCI का दबदबा बरकरार, जय शाह-सौरव गांगुली को मिला ये जिम्मा
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आईसीसी में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का दबदबा बरकरार है. शनिवार को कुछ पदों पर नई नियुक्तियों की जानकारी दी गई, इसमें जय शाह को वित्तीय मामलों से जुड़ी कमेटी की जिम्मेदारी दी गई है. जबकि ग्रेग बार्कले आईसीसी के चेयरमैन बने रहेंगे.
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) में एक बार फिर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का दबदबा देखने को मिली है. शनिवार को आईसीसी द्वारा अपनी नई टीम का ऐलान किया गया, जिसमें ग्रेग बार्कले को फिर से आईसीसी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है. उनका कार्यकाल दो साल का होगा. उनके साथ ही बीसीसीआई सचिव जय शाह और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को एक नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. न्यूजीलैंड के ग्रेग बार्कले को शनिवार को सर्वसम्मति से दूसरे कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का चेयरमैन चुना गया. बार्कले का कार्यकाल दो वर्ष का होगा. जिम्बाब्वे के तावेंग्वा मुकुहलानी के नाम वापस लेने के बाद बार्कले को निर्विरोध चुना गया, आईसीसी बोर्ड ने बार्कले के पूर्ण समर्थन की पुष्टि की. बार्कले ने फिर से अपनी नियुक्ति पर कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद का फिर से चेमरमैन चुना जाना सम्मान की बात है और मैं अपने साथी आईसीसी निदेशकों को उनके समर्थन के लिये शुक्रिया करना चाहूंगा. बता दें कि बार्कले को नवंबर 2020 में आईसीसी चेयमरैन बनाया गया था. वह इससे पहले न्यूजीलैंड क्रिकेट के चेमरमैन और 2015 में आईसीसी पुरूष क्रिकेट विश्व कप के निदेशक थे.जय शाह और सौरव गांगुली को मिली ये जिम्मेदारी इस नियुक्ति के अलावा कुछ अन्य नियम नियुक्ति भी हुई हैं, जिसमें बीसीसीआई सचिव जय शाह को अब आईसीसी की वित्तीय और कमर्शियल मामलों की कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है. आईसीसी के सभी वित्तीय फैसले यही कमेटी लेती है, ऐसे में जय शाह के हाथ में यह अहम पोस्ट आई है. आईसीसी द्वारा बयान दिया गया है कि सभी सदस्यों ने इस पद पर जय शाह की नियुक्ति का स्वागत किया है. इस कमेटी के अध्यक्ष को आईसीसी चेयरमैन जितना ही पावरफुल माना जाता है, कमेटी के पास आईसीसी के सभी सदस्यों के रेवेन्यू शेयर, स्पॉन्सर और अन्य डील को तय करने की पावर रहती है. बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली आईसीसी की क्रिकेट कमेटी के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे. वह पिछले साल इस पद पर नियुक्त हुए थे, जो कि आगे भी जारी रहेगा.

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