
English Cricket Model Bazball: इंग्लैंड का 'बैजबॉल गेम' है या बवाल... कहां और कैसे से आया बल्लेबाजी का ये तूफानी अंदाज
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इंग्लैंड टीम इन दिनों अपने घर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज खेल रही है. सीरीज का पहला टेस्ट बर्मिंघम में 16 जून से खेला जा रहा है. इस टेस्ट में इंग्लैंड टीम ने एक बार फिर अपना बैजबॉल गेम खेला और टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए पहले दिन ही 8 विकेट पर 393 रन बनाकर पारी घोषित कर दी. साथ ही ऑस्ट्रेलिया को भी 4 ओवर बल्लेबाजी करा दी.
English Cricket Model Bazball: टेस्ट क्रिकेट हमेशा ही धैर्य के साथ खेलने... क्रीज पर जमने और अच्छी गेंद का इंतजार कर रन बनाने का खेल रहा है. कई बार तो ऐसा भी देखा गया है कि 4-5 ओवर का खेल हो जाता है और इस दौरान रन सिर्फ 10-12 ही बन पाते हैं. जब विकेट गिरना शुरू होता है, तो टीम संभलने की कोशिश करती है, तब तो रन की गति और भी धीमी होना लाजमी हो जाता है.
मगर अब टेस्ट क्रिकेट में 'बैजबॉल गेम' आ गया है, जिसने इसकी पूरी दशा और दिशा ही बदल दी. 'बैजबॉल गेम' को लाने का श्रेय इंग्लैंड टीम को जाता है, जिसने टेस्ट क्रिकेट में भी टी20 के अंदाज में धमाकेदार तरीके से रन बनाना शुरू किया है.
'बैजबॉल गेम' के आने के बाद टेस्ट क्रिकेट काफी बवाली हो गया है. 'बैजबॉल गेम' का मतलब ही होता है कि बगैर विकेट की चिंता किए बल्लेबाज तूफानी अंदाज में रन बनाए. पिछले एक साल में हमने इंग्लैंड के लगभग सभी मैचों में यह 'बैजबॉल गेम' देखा है. इसी गेम के बदौलत इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और पाकिस्तान को बुरी तरह रौंदा है.
इस तरह सामने आया 'बैजबॉल' नाम
आइए जानते हैं कि आखिर यह 'बैजबॉल गेम' की शुरुआत कैसे और कब हुई? वैसे फैन्स और कुछ दिग्गजों का मानना है कि जब से न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर ब्रेंडन मैक्कुलम ने इंग्लिश टीम के हेड कोच का पद संभाला है, तभी से उन्होंने ही टीम का गेम बदला है. मैक्कुलम की कोचिंग में इंग्लैंड टीम ने टेस्ट फॉर्मेट में भी तेजी से खेलना शुरू किया और लगातार जीत भी हासिल कीं.
मैक्कुलम भी अपने समय में जब क्रिकेट खेलते थे तो वो अपने आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते थे. तब उनका निकनेम 'बैज' था. इसी निकनेम के साथ 'बॉल' को जोड़ते हुए इंग्लैंड टीम ने 'BazBall' शब्द निकाला. यानी 'बैजबॉल' का मतलब मैक्कुलम का निकनेम और उनके खेलने के अंदाज से है.

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35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

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