
Cheteshwar Pujara Team India: पुजारा को बलि का 'बकरा' क्यों बनाया... सुनील गावस्कर ने टीम सेलेक्शन पर उठाए सवाल
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विंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया है. पुजारा को टीम में शामिल नहीं किया जाना चर्चा का विषय बन गया है. महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी चयनकर्ताओं के इस फैसले की आलोचना की है.
विंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान 23 जून (शुक्रवार) को किया गया था. टीम की कप्तानी रोहित शर्मा के ही हाथों में रहेगी. वहीं मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे को उप-कप्तानी का जिम्मा सौंपा गया है. 16 सदस्यीय टेस्ट टीम में अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को शामिल नहीं किया गया.
35 साल के पुजारा को टीम में शामिल नहीं किया जाना चर्चा का विषय बन गया है. महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने चयनकर्ताओं के फैसले की आलोचना की है. चेतेश्वर पुजारा को इससे पहले साल 2022 के साउथ अफ्रीका दौरे के बाद भी टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया था. हालांकि काउंटी चैम्पियनशिप में ससेक्स के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद वह फिर से भारतीय टीम में लौट आए थे.
बाकी को टीम में रखने का क्या पैमाना है?
गावस्कर ने इंडिया टुडे से कहा, 'पुजारा को क्यों हटा दिया गया है? उन्हें बाकी बल्लेबाजों की नाकामी के लिए बलि का बकरा क्यों बनाया गया है. वह भारतीय क्रिकेट के एक वफादार और शांत खिलाड़ी हैं. फर्क इतना है कि बाकी प्लेयर्स की तरह लेकिन उनके लाखों फॉलोअर्स नहीं हैं, जो उनके पक्ष में शोर मचा सकें. यह मेरी समझ से परे है. उन्हें बाहर करने और बाकी को टीम में रखने का क्या मापदंड है? मुझे इस बारे में नहीं पता क्योंकि आजकल सेलेक्टर की मीडिया से कोई बातचीत नहीं होती है.'
सुनील गावस्कर ने कहा कि चेतेश्वर पुजारा को सिर्फ उनकी उम्र की वजह से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर नहीं किया जाना चाहिए. गावस्कर का मानना है कि पुजारा इकलौते बल्लेबाज नहीं थे जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डब्ल्यूटीसी फाइनल में बड़ा स्कोर बनाने में असफल रहे. टीम के टॉप- चार बल्लेबाज पहली पारी में सिर्फ 71 रन पर आउट हो गए थे. पुजारा ने 14 और 27 रन बनाए, लेकिन वह अकेले नहीं थे जिन्हें संघर्ष करना पड़ा. अजिंक्य रहाणे मैच में 50 से अधिक रन बनाने वाले एकमात्र भारतीय बल्लेबाज थे.
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