
Bishan Singh Bedi Passed Away: भारतीय स्पिन चौकड़ी में अबूझ पहेली थे बिशन सिंह बेदी... ब्रम्हास्त्र थी उनकी शानदार आर्म बॉल
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पूर्व भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी का 77 साल की उम्र में निधन हुआ. बेदी के परिवार में उनकी पत्नी अंजू, बेटा अंगद और बेटी नेहा हैं. उनके एक करीबी दोस्त ने कहा, 'उन्होंने आज सुबह अपने घर पर अंतिम सांस ली. हाल ही में उनके घुटने का ऑपरेशन हुआ था. संक्रमण फैल गया और वह इससे उबर नहीं सके.'
Bishan Singh Bedi Passed Away: दुनिया के सबसे लोकप्रिय क्रिकेटरों में से एक बिशन सिंह बेदी का लंबी बीमारी के बाद सोमवार को 77 साल की उम्र में निधन हो गया. इसके साथ ही वर्ल्ड क्रिकेट ने एक ऐसे सितारे को अलविदा कह दिया, जिसने कई दशक तक भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने में अपना अमूल्य योगदान दिया.
बेदी के परिवार में उनकी पत्नी अंजू, बेटा अंगद और बेटी नेहा हैं. उनके एक करीबी दोस्त ने कहा, 'उन्होंने आज सुबह अपने घर पर अंतिम सांस ली. हाल ही में उनके घुटने का ऑपरेशन हुआ था. संक्रमण फैल गया और वह इससे उबर नहीं सके.'
अपनी आर्म बॉल से लेकर फ्लाइट लेती गेंदों से दुनियाभर के बल्लेबाजों को चकमा देने वाले बिशन सिंह बेदी भारतीय स्पिन चौकड़ी की वह अबूझ पहेली थे, जो अपने फैसलों और बेबाक टिप्पणियों के कारण विवादों में भी रहे.
12 साल रहा बेदी का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान बेदी का जन्म 25 सितंबर 1946 को पंजाब के अमृतसर शहर में हुआ था. वह भारत की उस स्पिन चौकड़ी का हिस्सा थे, जिसमें उनके अलावा इरापल्ली प्रसन्ना, भागवत चंद्रशेखर और श्रीनिवास वेंकटराघवन शामिल थे.
बेदी ने लगभग 12 साल तक भारतीय गेंदबाजी का जिम्मा संभाला. यह बेहद कलात्मक बाएं हाथ का स्पिनर अपनी पीढ़ी के बल्लेबाजों के लिए हमेशा अबूझ पहेली बना रहा. वह गेंद को जितना संभव हो उतनी ऊंचाई से छोड़ते थे और उनका नियंत्रण गजब का था.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












