
AFG Vs NZ Test Day 4 Highlights: अफगानिस्तान-न्यूजीलैंड टेस्ट मैच का चौथा दिन भी रद्द, मौसम और अव्यवस्था ने किया बंटाधार, अब आगे क्या?
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ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पथिक खेल परिसर में अफगानिस्तान-न्यूजीलैंड के बीच होने वाला मैच चौथे दिन भी रद्द हो गया है. दोनों देशों के बीच इस टेस्ट मैच में अब तक टॉस भी नहीं हो पाया है. क्या पांचवें दिन मैच हो पाएगा या नहीं, इस पर अब फैसला अब कल (13 सितंबर ) होगा.
अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच एकमात्र टेस्ट मैच का चौथा दिन (गुरुवार) को खराब मौसम और बारिश के कारण रद्द कर दिया गया है. ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पथिक खेल परिसर में मौजूद स्टेडियम में खेल के पहले तीन दिन गीले आउटफील्ड के कारण एक भी गेंद फेंके बिना रद्द कर दिए गए, जिससे वेन्यू की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए. मौसम को देखते हुए मैच अधिकारियों ने गुरुवार को भी किसी भी तरह के खेल की संभावना को खारिज कर दिया है.
क्रिकइंफो की रिपोर्ट में बताया गया- बारिश ने एक बार फिर अफगानिस्तान-न्यूजीलैंड के बीच एकमात्र टेस्ट मैच के चौथे दिन अड़ंगा डाला. इस कारण मैच होना असंभव है. अब शुक्रवार सुबह एक बार फिर मैदान का निरीक्षण किया जाएगा इसके बाद आगे का फैसला किया जाएगा. अगर शुक्रवार को भी मैच में खेल संभव नहीं हो पाया तो लगभग 2500 टेस्ट मैचों के इतिहास में आठवां टेस्ट मैच होगा जो अब तक एक भी गेंद फेंके बिना रद्द हो जाएगा.
गुरुवार को अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का बयान भी मैच को लेकर आया. इसमें कहा गया- अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड की टीमों के बीच एकमात्र टेस्ट मैच का चौथा दिन भी लगातार बारिश के कारण नहीं खेला जाएगा. अब कल सुबह 8:00 बजे खेल शुरू करने का निर्णय स्टेडियम के निरीक्षण के बाद होगा.
मैच खत्म होने के बाद रेफरी की रिपोर्ट का इंतजार अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच लगातार टेस्ट मैच शुरू नहीं होने के बाद ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पथिक खेल परिसर के भविष्य का फैसला काफी हद तक मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा. स्टेडियम में इस तरह की खामियों का ठीकरा अकसर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) पर फोड़ा जाता है लेकिन इस बार गड़बड़ी की पूरी जिम्मेदारी मेजबान अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की है.
बीसीसीआई ने अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को विकल्प के तौर पर बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम और कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम की पेशकश की थी, लेकिन अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों के इस स्थल से परिचित होने और कम खर्च जैसे मुद्दों को तरजीह देते हुए इस स्थल का चयन किया. अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) का मानना था कि दिल्ली और काबुल (तुलनात्मक रूप से) से ग्रेटर नोएडा की निकटता के कारण इसको चुना गया.
इस टेस्ट मैच में बीसीसीआई की कोई भूमिका नहीं है. यह वेन्यू पूरी तरह से अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की पसंद थी और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मुहैया करानी थी.सूत्रों की मानें तो बीसीसीआई ने 2019 (विजय हजारे ट्रॉफी) के बाद से यहां अपने किसी भी घरेलू मुकाबले की मेजबानी नहीं की है. यहां की निम्न स्तरीय परिस्थितियों को देखते हुए निकट या दूर के भविष्य में किसी मैच की मेजबानी की संभावना ना के बराबर है.

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