
शाहरुख को मिली खान होने की सजा? आर्यन को जेल भेजने पर शुरू हुआ हिंदू-मुस्लिम का खेल
Zee News
फिल्म के सेट पर जैसे ही कोई डायरेक्टर लाइट, कैमरा और एक्शन बोलता है, तो शाहरुख खान कभी राज तो कभी राहुल में बदल जाते हैं. सलमान खान कभी बजरंगी भाई जान तो कभी राधे में बदल जाते हैं. इसके बाद जब फिल्म रिलीज होती है तो हजारों लाखों लोग इसे देखने सिनेमा हॉल में जाते हैं. इसमें हिंदू भी होते हैं, मुसलमान भी, तो सिख और ईसाई भी. किसी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि फिल्म का हीरो हिंदू है या मुसलमान.
नई दिल्ली: अब अपने देश भारत की बात करते हैं, जहां लोग चीन (China) को छोड़कर इस बात पर बहस कर रहे हैं कि आर्यन खान (Aryan Khan) की जमानत इसलिए नहीं हो रही क्योंकि शाहरुख खान (Shahrukh Khan) एक मुस्लिम सुपर स्टार (Muslim Superstar) हैं. Instead of making an example out of a Union Minister’s son accused of killing four farmers, central agencies are after a 23 year old simply because his surname happens to be Khan.Travesty of justice that muslims are targeted to satiate the sadistic wishes of BJPs core vote bank.
वर्ष 2010 में शाहरुख की एक मशहूर फिल्म आई थी, जिसका नाम था- माई नेम इज खान (My Name Is Khan) और हमारे देश की सारी विभाजनकारी ताकतें यही साबित करने में लगी हैं कि खान होने की वजह से ही शाहरुख खान के परिवार के साथ ये सब हो रहा. लेकिन आज हम कहेंगे कि हिज नेम इज खान (His Name Is Khan). लेकिन उन्हें सुपर स्टार बनाने वाले सिर्फ मुसलमान नहीं है. शाहरुख खान का स्टारडम धर्म निरपेक्ष है, क्योंकि उन्हें इतना बड़ा स्टार बनाने वालों में हिंदू भी हैं, मुसलमान भी हैं, सिख भी है और ईसाई भी हैं. — Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti)

Afanasy Nikitin India: इतिहास के पन्नों को पलटते हैं, तो हमें मालूम चलता है कि 1498 में वास्को-डी-गामा ने भारत के समुद्री रास्ते की खोज की थी. लेकिन सच तो यह है कि उससे करीब तीन दशक पहले, 1469 में एक रूसी व्यापारी अफनासी निकितिन महाराष्ट्र के तट पर कदम रख चुका था. बिना किसी सेना और बिना किसी बड़े जहाज के, निकितिन ने अकेले ही तीन समुद्रों को पार किया और भारत की संस्कृति को अपनी डायरी में समेट लिया.

Ajit Pawar plane crash: बारामती एयरपोर्ट पर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जिस विमान में सवार थे, वह देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गया. जिस Bombardier Learjet 45XR को आसमान का सबसे सुरक्षित विमान माना जाता था, वही आज मातम का सबब बन गया. इस विमान का इतिहास और इसकी तकनीकी खूबियां अब जांच के दायरे में हैं.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.







