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बापू की हत्या में इस्तेमाल हुई 'बेरिटा M1934' पिस्तौल: इटली में बनी, ग्वालियर से दिल्ली पहुंची, आखिर आज कहां है वो पिस्तौल?
Zee News
Gandhi assassination Beretta pistol: महात्मा गांधी की हत्या में इस्तेमाल हुई बेरिटा पिस्तौल का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. यह पिस्तौल इटली की सेना के लिए बनाई गई थी और माना जाता है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान किसी भारतीय अधिकारी द्वारा इसे भारत लाया गया था. जांच रिपोर्टों के अनुसार, गोडसे तक यह पिस्तौल ग्वालियर के रास्ते पहुंची थी.
Gandhi assassination Beretta pistol: 30 जनवरी 1948 की शाम, दिल्ली का बिड़ला भवन और वह मनहूस वक्त जब बापू की प्रार्थना सभा में तीन गोलियां चलीं. उन गोलियों ने न केवल महात्मा गांधी के शरीर को बेध दिया, बल्कि पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया था. आज जब हम बापू की पुण्यतिथि मना रहे हैं, तो उस हथियार की कहानी भी जानना जरूरी है जिसने इतिहास का रुख बदल दिया था. दरअसल, नाथूराम गोडसे ने जिस पिस्तौल से महात्मा गांधी की हत्या की थी, वह इटली की मशहूर कंपनी 'बेरिटा' (Beretta) द्वारा बनाई गई थी. उस मॉडल का नाम था Beretta M1934. यह पिस्तौल अपनी सटीकता और छोटे आकार के लिए जानी जाती थी. वहीं, गांधी जी की हत्या में इस्तेमाल होने के बाद यह पिस्तौल दुनिया के सबसे कुख्यात हथियारों की सूची में शामिल हो गई.
