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पिछले बजट सत्र की सबसे बड़ी डिफेंस डील क्या थी? इन 3 हथियारों ने दुश्मनों के हौसले किए पस्त; भारत बना मिलिट्री सुपरपावर
Zee News
Indian defence budget: भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए पिछला साल किसी ऐतिहासिक उपलब्धि से कम नहीं रहा. जब दुनिया जंग के साए में थी, भारत ने अपनी आत्मनिर्भरता और सैन्य ताकत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए खजाना खोल दिया. अरबों रुपये के इन रक्षा सौदों ने न केवल दुश्मनों की नींद उड़ाई है, बल्कि 'मेक इन इंडिया' के सपने को भी हकीकत में बदल दिया है.
Indian defence budget: 1 फरवरी 2026 को देश का बजट आने वाला है. जिसका प्रभाव देश के हर नागरिक के साथ-साथ पूरे साल के भविष्य पर होगा. जिससे देश को कोई भी सेक्टर अछूता नहीं रहने वाला है. ऐसे में, एक ऐसा सेक्टर है, जिस पर दुनिया की नजर होगी. जी हां हम बात कर रहे हैं रक्षा बजट की. ऐसे में, जानना बेहद दिलचस्प हो जाता है कि पिछले साल के रक्षा बजट में सबसे बड़ी डिफेंस डील क्या थी? दरअसल, बीता बजट वर्ष भारतीय रक्षा मंत्रालय के लिए बड़े फैसलों और मेगा डील्स का साल रहा. भारत ने अपनी सैन्य शक्ति को आधुनिक बनाने के लिए स्वदेशी और विदेशी दोनों मोर्चों पर रिकॉर्ड तोड़ निवेश किया है. इनमें सबसे प्रमुख राफेल-एम, प्रचंड हेलिकॉप्टर और तेजस मार्क 1A जैसे बड़े सौदे शामिल हैं, जिनकी कुल लागत लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंचती है. ऐसे में, आइए इन तीनों बड़ी डीलों के बारे में जानते हैं.

Afanasy Nikitin India: इतिहास के पन्नों को पलटते हैं, तो हमें मालूम चलता है कि 1498 में वास्को-डी-गामा ने भारत के समुद्री रास्ते की खोज की थी. लेकिन सच तो यह है कि उससे करीब तीन दशक पहले, 1469 में एक रूसी व्यापारी अफनासी निकितिन महाराष्ट्र के तट पर कदम रख चुका था. बिना किसी सेना और बिना किसी बड़े जहाज के, निकितिन ने अकेले ही तीन समुद्रों को पार किया और भारत की संस्कृति को अपनी डायरी में समेट लिया.

Ajit Pawar plane crash: बारामती एयरपोर्ट पर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जिस विमान में सवार थे, वह देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गया. जिस Bombardier Learjet 45XR को आसमान का सबसे सुरक्षित विमान माना जाता था, वही आज मातम का सबब बन गया. इस विमान का इतिहास और इसकी तकनीकी खूबियां अब जांच के दायरे में हैं.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.







