)
वास्को-डी-गामा से 30 साल पहले भारत आया रूसी मुसाफिर 'अफनासी निकितिन', बताया 15वीं सदी का हिंदुस्तान; फिल्म बनी परदेसी
Zee News
Afanasy Nikitin India: इतिहास के पन्नों को पलटते हैं, तो हमें मालूम चलता है कि 1498 में वास्को-डी-गामा ने भारत के समुद्री रास्ते की खोज की थी. लेकिन सच तो यह है कि उससे करीब तीन दशक पहले, 1469 में एक रूसी व्यापारी अफनासी निकितिन महाराष्ट्र के तट पर कदम रख चुका था. बिना किसी सेना और बिना किसी बड़े जहाज के, निकितिन ने अकेले ही तीन समुद्रों को पार किया और भारत की संस्कृति को अपनी डायरी में समेट लिया.
Afanasy Nikitin India: आज जब हम रूस और भारत की दोस्ती की बात करते हैं, तो हमें 550 साल पीछे मुड़कर देखना चाहिए. हम बात कर रहे हैं, एक ऐसे रूसी मुसाफिर की. जिसने अपनी डायरी में बताया कि 15वीं शताब्दी में हिंदुस्तान कैसा था. नाम था अफनासी निकितिन. निकितन कोई राजा या सेनापति नहीं था, वह रूस के 'त्वेर' शहर का एक साधारण व्यापारी था. आझ भी उसकी कहानी साहस, सब्र और जिज्ञासा की एक मिसाल है.
