
रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा के संन्यास लेने के बाद कितनी मजबूत है भारतीय T20 टीम?
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भारतीय क्रिकेट टीम ने हाल ही में हुए आईसीसी टी20 क्रिकेट विश्व कप 2024 का खिताब अपने नाम किया है. दूसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब जीतने के बाद भारतीय टीम के तीन बड़े दिग्गज खिलाड़ियों रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा ने टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले लिया है. इससे एक ओर जहां भारतीय टी20 टीम को ये बड़ा झटका लगा, वहीं कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए रास्ता खुल गया है..
भारतीय क्रिकेट टीम दूसरी बार T20 वर्ल्ड कप जीतकर विश्व चैम्पियन बन गई है. इस टूर्नामेंट की खास बात ये रही कि इसमें भारतीय टीम ने अजेय रहकर ये खिताब अपने नाम किया. वहीं, ये पल भारतीय क्रिकेट के लिए भावुक कर देने वाला भी रहा. ऐसा इसलिए क्योंकि साल 2007 के बाद ये पहला मौका था, जब भारतीय क्रिकेट टीम ने आईसीसी टी20 क्रिकेट विश्व कप का खिताब अपने नाम किया. वहीं, इस खिताबी जीत के साथ ही भारतीय टीम के तीन बड़े दिग्गज रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है.
रोहित-विराट के जाने से कमजोर हो जाएगी टीम इंडिया?
इस बीच एक बड़ा सवाल कहीं न कहीं सभी के मन में है कि टी20 इंटरनेशनल से रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा के संन्यास लेने के बाद कहीं टीम इंडिया कमजोर तो नहीं हो जाएगी. क्योंकि एक साथ तीन बड़े दिग्गजों का सन्यास लेना टीम को परेशानी में डाल सकता है.अब टीम इंडिया की जिम्मेदारी नए खिलाड़ियों के कंधों पर होगी. भले ही युवा खिलाड़ियों के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव नहीं है, लेकिन फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलने का एक अच्छा अनुभव इनके पास जरूर है. वहीं, इनका मार्गदर्शन करने की जिम्मेदारी अब हार्दिक पंड्या, जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर होगी.
जिम्बाब्वे दौरे के पहले मैच में हारी युवा ब्रिगेड
टी20 विश्व कप 2024 का खिताब अपने नाम करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम 5 टी20 मैचों के लिए जिम्बाब्वे दौरे पर है, जहां पहले ही मैच में शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम में अनुभव की खासा कमी दिखाई दी. मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम को जिम्बाब्वे के हाथों 13 रनों से हार का सामना करना पड़ा. जिसमें भारतीय टीम 20 ओवरों में 116 रनों के लक्ष्य का पीछा भी नहीं कर सकी और 19.5 ओवरों में मात्र 102 रनों पर सिमट गई.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट के राजनीतिक तनाव का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट पर दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC भविष्य के बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है. 2029 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2031 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया मजबूत विकल्प बनकर उभरा है, जबकि एशियाई देशों के बीच यात्रा विवाद से शेड्यूलिंग मुश्किल हो गई है.

वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.









