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भारत में 5000 साल पहले पनपी थी ये सभ्यता, शहर से लेकर समुद्री व्यापार के मिले पुख्ता प्रमाण; जानें कहां तक थी सीमा
Zee News
सिंधु घाटी सभ्यता दुनिया की सबसे प्राचीन मानव सभ्यता में से एक है. जहां दुनिया के पहले शहर की बसावट के प्रमाण मिलते थे. अपने समय में इसकी सीमा इतनी दूर तक फैली हुई थी, कि इसके मुकाबले दुनिया की कोई दूसरी सभ्यता नहीं थी. आइए इसकी सीमाओं, व्यापार, शहर और पतन के बारे में आसान शब्दों में जानते हैं, जिसकी विरासत आज भी जीवित है.
दुनिया जब जंगलों को समझ रही थी, तब भारत की धरती पर एक मानव सभ्यता फल-फूल रही थी. जहां न केवल आधुनिक शहर बसाए गए, बल्कि पक्की सड़कों और जल निकासी के लिए नालियों की व्यवस्था की गईं थी. इतना ही नहीं, दुनिया के कई कोनों से समुद्री व्यापार होता था. हम बात कर रहे हैं सिंधु घाटी सभ्यता की. जिसे हड़प्पा सभ्यता के नाम से भी जाना जाता है. यह प्राचीन दुनिया की सबसे उन्नत सभ्यताओं में से एक थी. इसकी विशाल भौगोलिक सीमा और शहरी नियोजन आज भी इतिहासकारों और पुरातत्वविदों को आश्चर्यचकित करते हैं. करीब 3300 ईसा पूर्व से 1300 ईसा पूर्व तक फलने-फूलने वाली यह सभ्यता आज के भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में फैली थी. इसके शहरों में हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, धोलावीरा, लोथल और राखीगढ़ी जैसे केंद्र थे, जो अपनी सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि के लिए प्रसिद्ध थे. आइए जानते हैं कि इसकी सीमा कहां से कहां तक फैली हुई थी.

Russia Oresnik Hypersonic Missile: फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने यूक्रेन पर रूस की ओर से ओरेशनिक मिसाइल के हमले का जिक्र किया. यूक्रेन में जिस जगह पर हमला हुआ वह NATO देश पोलैंड की सीमा के पास स्थित है. इस जगह पर F-16 और मिग-29 लड़ाकू विमानों की सर्विसिंग हो रही थी. इस हमले का जिक्र करते हुए मैक्रों ने कहा कि यूरोप अब ऐसी मिसाइलों की सीधी रेंज में है. इस घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता है.

Iran Khamenei Protests: दिसंबर 2025 में देश में मंहगाई के यह खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुआ था. जो अब बड़े आंदोलन में बदल गया है. देश भर में लोग सड़कों पर उतरकर शासन के खात्मे की मांग कर रहे हैं. जगह-जगह पर खामेनेई के पोस्टर जलाए जा रहे हैं. ईरानी सरकार ने उन्हें रोकने के लिए बेहद सख्त और हिंसक रवैया अपनाया है.

Iran missile power: ईरान इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है और उसके पास मौजूद मिसाइलों का जखीरा दुनिया के किसी भी आधुनिक डिफेंस सिस्टम को मिट्टी में मिलाने का दम रखता है. तेहरान ने सालों की मेहनत और पाबंदियों के बावजूद एक ऐसी 'आसमानी फौज' खड़ी कर ली है, जिसकी रफ्तार और ताकत का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है.

Saudi Arabia Buy JF-17 Fighter Jets: पाकिस्तान JF-17 को एक किफायती और युद्ध में आजमाया लड़ाकू विमान बता रहा है. इसे ही आधार बनाकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेश कर रहा है. अजरबैजान, नाइजीरिया, म्यांमार और लीबिया के साथ हुए सौदों का हवाला देकर इसकी मांग दिखाई जाती है. हालांकि पहले भी कई बार बड़े हथियार सौदों की खबरें सामने आईं है. जो बाद में केवल समझौता ज्ञापन (MoU) तक सीमित रह गईं.

Turkeys MKE Boran 105MM Light Howitzer: MKE ने बताया कि BORAN को साल 2021 में तुर्की सशस्त्र बलों में शामिल किया गया था. इसके बाद 2024 में बांग्लादेश को इसकी डिलीवरी हुई. जो तुर्की के इतिहास में पहली बार किसी होवित्जर तोप का विदेश निर्यात था. एशिया और यूरोप में किए गए प्रदर्शन और परीक्षणों ने इसकी क्षमताओं को और मजबूत किया.

Bulsae-4 missile North Korea weapons: उत्तर कोरिया ने दुनिया के सबसे खतरनाक टैंक रोधी हथियारों में से एक 'बुलसे-4' (Bulsae-4) का उत्पादन कई गुना बढ़ाने का फैसला किया है. यूक्रेन के युद्ध के मैदान में अपनी ताकत का लोहा मनवाने के बाद, अब यह मिसाइल और भी घातक होकर सामने आई है. इसे 'फायर एंड फॉरगेट' यानी 'दागो और भूल जाओ' हथियार कहा जाता है, जो पलक झपकते ही बड़े से बड़े टैंक को लोहे के कबाड़ में बदल देता है.







