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भारत के अंतिम गवर्नर जनरल कौन थे? एक साल पहले देश की आजादी पर लगाई मुहर, बन गई बंटवारे की वजह!
Zee News
भारत की आजादी जून 1948 तय हुई थी. हालांकि, भारत के आखिरी गवर्नर जनरल ने 15 अगस्त 1947 को आजादी पर मुहर लगाई. जो दुनिया की सबसे बड़ी त्रासदी का कारण बनी. वहीं भारत की तस्वीर भी पूरी तरह बदल गई. आइए आखिरी वायसराय की भूमिका के बारे में जानते हैं.
last Governor General of India: भारत की आजादी की कहानी वीरों, बलिदानों और सियासत की जटिल गलियों से बुनी गई है. इस कहानी में एक किरदार ऐसा भी है, जिसने आजादी के आखिरी पन्नों को लिखने में अहम रोल अदा किया. भारत के अंतिम गवर्नर जनरल. जिसने न देश की तस्वीर बदली. बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी त्रासदी का कारण भी बना. हालांकि इसकी रूपरेखा बहुत पहले तय की जा चुकी थी, लेकिन जिम्मेदारियों का ठीकरा इन्हीं के सिर पर मढ़ा गया. जिन्होंने भारत की आजादी पर आखिरी मुहर लगाई. आइए भारत के आखिरी गवर्नर जनरल लॉर्ड माउंटबेटन और भारत के पहले और आखिरी गवर्नर जनरल के बारे में जानते हैं, आखिरी इनकी भारत की आजादी में क्या भूमिका थी.

Russia Oresnik Hypersonic Missile: फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने यूक्रेन पर रूस की ओर से ओरेशनिक मिसाइल के हमले का जिक्र किया. यूक्रेन में जिस जगह पर हमला हुआ वह NATO देश पोलैंड की सीमा के पास स्थित है. इस जगह पर F-16 और मिग-29 लड़ाकू विमानों की सर्विसिंग हो रही थी. इस हमले का जिक्र करते हुए मैक्रों ने कहा कि यूरोप अब ऐसी मिसाइलों की सीधी रेंज में है. इस घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता है.

Iran Khamenei Protests: दिसंबर 2025 में देश में मंहगाई के यह खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुआ था. जो अब बड़े आंदोलन में बदल गया है. देश भर में लोग सड़कों पर उतरकर शासन के खात्मे की मांग कर रहे हैं. जगह-जगह पर खामेनेई के पोस्टर जलाए जा रहे हैं. ईरानी सरकार ने उन्हें रोकने के लिए बेहद सख्त और हिंसक रवैया अपनाया है.

Iran missile power: ईरान इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है और उसके पास मौजूद मिसाइलों का जखीरा दुनिया के किसी भी आधुनिक डिफेंस सिस्टम को मिट्टी में मिलाने का दम रखता है. तेहरान ने सालों की मेहनत और पाबंदियों के बावजूद एक ऐसी 'आसमानी फौज' खड़ी कर ली है, जिसकी रफ्तार और ताकत का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है.

Saudi Arabia Buy JF-17 Fighter Jets: पाकिस्तान JF-17 को एक किफायती और युद्ध में आजमाया लड़ाकू विमान बता रहा है. इसे ही आधार बनाकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेश कर रहा है. अजरबैजान, नाइजीरिया, म्यांमार और लीबिया के साथ हुए सौदों का हवाला देकर इसकी मांग दिखाई जाती है. हालांकि पहले भी कई बार बड़े हथियार सौदों की खबरें सामने आईं है. जो बाद में केवल समझौता ज्ञापन (MoU) तक सीमित रह गईं.

Turkeys MKE Boran 105MM Light Howitzer: MKE ने बताया कि BORAN को साल 2021 में तुर्की सशस्त्र बलों में शामिल किया गया था. इसके बाद 2024 में बांग्लादेश को इसकी डिलीवरी हुई. जो तुर्की के इतिहास में पहली बार किसी होवित्जर तोप का विदेश निर्यात था. एशिया और यूरोप में किए गए प्रदर्शन और परीक्षणों ने इसकी क्षमताओं को और मजबूत किया.

Bulsae-4 missile North Korea weapons: उत्तर कोरिया ने दुनिया के सबसे खतरनाक टैंक रोधी हथियारों में से एक 'बुलसे-4' (Bulsae-4) का उत्पादन कई गुना बढ़ाने का फैसला किया है. यूक्रेन के युद्ध के मैदान में अपनी ताकत का लोहा मनवाने के बाद, अब यह मिसाइल और भी घातक होकर सामने आई है. इसे 'फायर एंड फॉरगेट' यानी 'दागो और भूल जाओ' हथियार कहा जाता है, जो पलक झपकते ही बड़े से बड़े टैंक को लोहे के कबाड़ में बदल देता है.







