
भारतीय दिग्गज का फूटा गुस्सा- IPL की वजह से हमारे तलवे चाटते हैं इंग्लैंड के खिलाड़ी
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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर फारुख इंजीनियर ने इंग्लैंड और वहां के खिलाड़ियों को लेकर सख्त टिप्पणी की है. उन्होंने बताया कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की वजह इंग्लैंड के खिलाड़ियों में बदलाव आया है. अब वे भारतीयों के बारे में कुछ भी कहने से पहले दो बार सोचते हैं.
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर फारुख इंजीनियर ने इंग्लैंड और वहां के खिलाड़ियों को लेकर सख्त टिप्पणी की है. उन्होंने बताया कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की वजह इंग्लैंड के खिलाड़ियों में बदलाव आया है. अब वे भारतीयों के बारे में कुछ भी कहने से पहले दो बार सोचते हैं. फारुख ने ये भी खुलासा किया कि इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलने के दौरान उन्हें नस्लवाद का सामना करना पड़ा था. फारुख इंजीनियर इंग्लैंड में बस चुके हैं. उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में नस्लवाद को लेकर अपने अनुभव साझा किए. फारुख ने बताया कि जब मैं पहली बार काउंटी क्रिकेट खेलने यहां आया तो लोग अलग नजर से मुझे देखते थे कि ये भारत से आया है. मैंने एक-दो बार नस्लीय टिप्पणियों का सामना किया था. हालांकि, टिप्पणियां व्यक्तिगत नहीं होती थी. मुझे सिर्फ इसलिए निशाना बनाया जाता था कि मैं भारत से आया था और मेरे बोलने के लहजा अलग था.
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट के राजनीतिक तनाव का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट पर दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC भविष्य के बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है. 2029 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2031 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया मजबूत विकल्प बनकर उभरा है, जबकि एशियाई देशों के बीच यात्रा विवाद से शेड्यूलिंग मुश्किल हो गई है.

वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.









