
नोएडा में इंजीनियर की मौत मामले में BJP विधायक ने CM योगी को लिखा पत्र, NDRF-SDRF की स्थायी तैनाती की मांग की
AajTak
ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की सड़क हादसे में मौत के बाद दादरी विधायक तेजपाल नागर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की है. प्रशासन ने अब जाकर डार्क पॉइंट्स पर साइन बोर्ड और संकेत लगाने का काम शुरू किया है.
ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अब गौतमबुद्ध नगर की दादरी सीट से बीजेपी विधायक तेजपाल सिंह नागर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर घटना के लिए अग्निशमन विभाग, नोएडा प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन विभाग, जलभराव और खराब स्ट्रीट लाइट को जिम्मेदार ठहराया है. विधायक ने दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है और तेजी से बढ़ते शहर में NDRF तथा SDRF की स्थायी तैनाती की अपील की है.
विधायक तेजपाल सिंह नागर ने 20 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि घटना ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) और अन्य विभागों की लापरवाही का नतीजा है.
'पहले भी की कई शिकायतें' उन्होंने उल्लेख किया कि पहले भी सेक्टर-150 में जलभराव, खराब स्ट्रीट लाइट, खुले नाले और डार्क पॉइंट्स को लेकर शिकायतें की गई थीं. सितंबर 2025 और जनवरी 2026 में भी पत्र लिखे गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने अपने पत्र में अग्निशमन, नोएडा प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन और अन्य विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. बीजेपी विधायक ने अपने पत्र में ग्रेटर नोएडा की बढ़ती आबादी का हवाला देते हुए नोएडा में NDRF और SDRF की स्थायी तैनाती करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं में त्वरित रेस्क्यू हो सके. अंत में उन्होंने इस मामले की गंभीर जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है.
शिकायत के बाद भी प्रशासन ने नहीं उठाए कदम
विधायक प्रतिनिधि योगेश सिंह के अनुसार, विधायक ने पूर्व में भी सितंबर 2025 और जनवरी 2026 में प्रशासन को इन समस्याओं के समाधान के लिए पत्र लिखे थे, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने कोई सार्थक कदम नहीं उठाया.अब परिवार ने अपने इकलौते होनहार बेटे को खो दिया है. युवराज मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद नोएडा प्राधिकरण अब हरकत में आता दिख रहा है. ग्रेटर नोएडा के विभिन्न डार्क पॉइंट्स पर साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं, जहां सड़क और नाली के बीच का अंतर खत्म हो गया है, वहां 'सावधान' वाले डिमार्कर और पट्टियां लगाकर संकेत दिए जा रहे हैं. दरअसल, 16 जनवरी की देर रात करीब 12:30 बजे युवराज मेहता गुरुग्राम से अपनी MNC कंपनी में काम खत्म कर घर (सेक्टर-150, टाटा यूरिका पार्क सोसाइटी) लौट रहे थे. तभी सड़क पर एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट का 30-70 फीट गहरा गड्ढा (पानी से भरा) था, जहां कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग नहीं थी. उनकी कार (मारुति ग्रैंड विटारा) गड्ढे में गिर गई. युवराज ने फोन कर अपने पिता को घटना की जानकारी दी, लेकिन इसके बावजूद युवराज को रेस्क्यू नहीं किया गया. वह लगभग 2 घंटे तक कार की छत पर चढ़े रहे, लेकिन ठंडे पानी और दम घुटने से उनकी मौत हो गई. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना (asphyxia) और हार्ट फेलियर बताया गया है.

दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में एक भयावह वारदात हुई जिसमें चार युवकों ने 25 वर्षीय युवक आकाश उर्फ अक्कू की चाकुओं से हमला कर हत्या कर दी. यह घटना बुधवार की शाम घटी और इसका पूरा वीडियो गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया. वीडियो में साफ नजर आता है कि आरोपी युवक पर जानबूझकर हमला कर रहे हैं. इस वारदात ने इलाके में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है और स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है.

राजस्थान के कोटपूतली में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक हाईटेंशन विद्युत लाइन को छूने के इरादे से बिजली के खंभे पर चढ़ गया. युवक को खंभे पर चढ़ा देख ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई. घटना की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. करीब दो घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद अधिकारियों और ग्रामीणों की समझाइश से युवक सुरक्षित नीचे उतर आया. गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.











