
शिंदे संग चले राज ठाकरे... महाराष्ट्र निगम चुनाव के गठबंधन पर अब भारी होती अवसरवादी राजनीति
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नगर निगम चुनाव और नतीजों ने महाराष्ट्र में सारे राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं. उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन करने वाले राज ठाकरे को डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने अपने साथ मिला लिया है, और सत्ताधारी महायुति में सहयोगी बीजेपी को ही चुनौती दे रहे हैं.
महायुति में बीजेपी के अलावा एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी भी साथ है. महाराष्ट्र में महायुति की सरकार है, और महाविकास आघाड़ी विपक्षी गठबंधन है. लेकिन, नगर निगम चुनाव में नए गठबंधन नजर आए. कई जगह स्थानीय स्तर पर - और, हैरानी की बात ये है कि चुनाव नतीजे आ जाने के बाद और भी नए नए समीकरण दिखाई पड़ रहे हैं, जबकि मूल युति पीछे छूट गई लगती है. कल्याण-डोंबिवली चुनाव नतीजे आने के बाद नई मिसाल बना है. महाराष्ट्र की सत्ता में हिस्सेदार बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना मेयर की कुर्सी को लेकर आमने सामने आ गए हैं. और, ठीक वैसे ही राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस भी एकनाथ शिंदे के साथ खड़ी हो गई है. नए गठबंधन का मकसद बीजेपी को मेयर पद से दूर रखना है.
बीएमसी में बीजेपी के सबसे ज्यादा सीटें जीत लेने के बावजूद मेयर पद उसके लिए आसान नहीं रह गया है. मुंबई में भी एकनाथ शिंदे तमाम हथकंडे अपना रहे हैं, जिनमें चुनाव जीतने वाले पार्षदों को होटल ले जाकर उनके सर्टिफिकेट ले लिया जाना भी शामिल है.
शिंदे और राज ठाकरे का हाथ मिलाना
कोंकण भवन में हुई एक बड़ी बैठक के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे ने राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के साथ गठबंधन को कंफर्म किया है. मुश्किल तो अब भी खत्म नहीं हुई है, क्योंकि दोनों के हाथ मिला लेने के बाद भी बहुमत के आंकड़े से 4 सीटें कम पड़ रही हैं.
राज ठाकरे का इलाके विशेष में ही सही, एकनाथ शिंदे के साथ जाना उद्धव ठाकरे के लिए झटका माना जा रहा है. बीएमसी चुनाव में पहली बार उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे के साथ मराठी के मुद्दे पर चुनावी गठबंधन किया था. गठबंधन के बावजूद उद्धव ठाकरे का बीएमसी में दबदबा खत्म हो गया है.
बीएमसी में बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना में भले ही बड़ा फासला हो, लेकिन महाराष्ट्र में कई जगह टक्कर देते, तो कहीं पीछे छोड़ते भी देखा गया. ठाणे में तो एकनाथ शिंदे ने अपना असर दिखा ही दिया है. नतीजों में आगे तो कल्याण-डोंबिवली में भी हैं, और उल्हासनगर में तो जोरदार टक्कर भी दे रहे हैं.

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