
महायुति को बहुमत के बाद उद्धव की लग सकती है 'लॉटरी'! जानें वो फॉर्मूला, जो बदल देगा मुंबई मेयर का पूरा गेम
AajTak
देश की सबसे अमीर नगर निगम माने जाने वाली बीएमसी का मेयर कौन होगा, इसका फैसला गुरुवार को हो जाएगा. बीजेपी और शिंदे के सेना को बीएमसी चुनाव में पूर्ण बहुमत मिला है, उसके बाद भी उद्धव ठाकरे भगवान भरोसे अपना मेयर बनाने का दावा कर रहे हैं. ऐसे में लॉटरी के जरिए क्या ठाकरे की किस्मत खुलेगी?
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के बाद से सभी की नजर देश की सबसे अमीर बीएमसी पर है कि मुंबई की मेयर की कुर्सी किसे मिलेगी? बीएमसी में बीजेपी और शिंदे की शिवसेना को बहुमत मिलने के बाद भी उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) की उम्मीदें पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. बीएमसी के मेयर पद के लिए आरक्षण का फैसला शहरी विकास विभाग की लाटरी के द्वारा तय किया जाना है, जिसकी प्रक्रिया गुरुवार को 11 बजे से शुरू होगी.
शिंदे के अगुवाई वाले शहरी विकास मंत्रालय के द्वारा मेयर पद के आरक्षण के लिए लॉटरी बारी-बारी से निकाली जाएगी. ऐसे में सबसे ज्यादा निगाहें मुंबई के मेयर पद पर लगी हुई है. महायुति को बहुमत मिलने के बाद भी उद्धव ठाकरे की लॉटरी लग सकती है, अगर शहरी विकास विभाग के लॉटरी सिस्टम में मेयर का पद अनुसूचित जनजाति के लिए निकल आता है.
मुंबई के बीएमसी चुनाव में कुल 227 सीटें है, बहुमत के लिए 114 सीटें जरूरी हैं. ऐसे में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) को 65 सीटें मिली थी. इसके बाद भी उद्धव ठाकरे ने कहा था कि अगर भगवान चाहेंगे तो मुंबई में अगला मेयर शिवसेना (यूबीटी) का होगा. ऐसे में उद्धव की किस्मत अच्छी रहती है और लॉटरी सिस्टम में मेयर का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो जाता है तो बीएमसी में उद्धव सियासी बाजीगर बन जाएंगे?
बीएमसी का कौन होगा नया मेयर बीएमसी पर ढाई दशक तक उद्धव ठाकरे के अगुवाई वाली शिवसेना का कब्जा रहा है. लेकिन इस बार के चुनाव में बीजेपी और शिंदे की शिवसेना का पलड़ा भारी रहा है. बीएमसी चुनावों में बीजेपी ने सबसे ज्यादा 89 सीटें जीती हैं और उसकी सहयोगी शिवसेना 29 सीटें जीतने में सफल रही है. इस तरह से भाजपा-शिवसेना के गठबंधन महायुति को स्पष्ट बहुमत का नंबर 118 सीटें मिली हैं.
मुंबई में महायुति को पूर्ण बहुमत होने के बाद बीजेपी अपना मेयर मुंबई में बनाना चाहती है, लेकिन महायुति में सहयोगी डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे इमोशनल कार्ड खेल रहे हैं. बीजेपी अपने 45 साल के इतिहास में पहली बार मुंबई में अपना मेयर बनाने की स्थिति में आई है, जिसके चलते उसकी नजर है.
वहीं, शिंदे का कहना है किजनवरी को बाल ठाकरे का जन्मदिन हैं. यह उनका शताब्दी वर्ष होगा. ऐसे में मेयर की कुर्सी शिवसेना को मिलनी चाहिए, क्योंति पार्टी कार्यकर्ताओं की तीव्र इच्छा है, तो वहीं दूसरी उद्धव ठाकरे गुट की नजर भी मेयर की कुर्सी पर है. ऐसे में बीजेपी, शिंदे की शिवसेना, उद्धव ठाकरे (यूबीटी) कौन मेयर पद पर बाजी मारेगा, उस निर्णय कुछ देर में हो जाएगा.

ग्रेटर नोएडा में कोहरे के कारण पानी से भरे बेसमेंट में गिरी कार हादसे में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई. मौके पर मौजूद डिलिवरी ब्वॉय ने रस्सी बांधकर पानी में उतरकर बचाने की कोशिश की. लेकिन युवराज को बचाया नहीं जा सका. नोएडा के इंजीनियर युवराज की मौत के बाद डिलिवरी ब्वॉय को क्यों धमका रही पुलिस?

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.







