
एक कमरा, अनजान साया और मौत का तांडव... यूं उलझी सहारनपुर के राठी परिवार की डेथ मिस्ट्री
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सहारनपुर के कौशिक विहार में राठी परिवार की सामूहिक मौत के मामले ने सभी को दहला दिया है. महज 40 सेकेंड में पत्नी, मां और दो बेटों की हत्या के बाद अशोक राठी ने खुद को गोली मार कर सुसाइड किया. हत्या के बाद आत्महत्या. ये है डिप्रेशन और मौत के साए की खौफनाक कहानी.
Saharanpur Rathi Family Death Mystery: सर्द रात का सन्नाटा था. रात के तीसरे पहर एक घर में पांच जिंदगियां सांस ले रही थीं. बाहर सब कुछ सामान्य था, लेकिन अंदर मौत ने अपनी स्क्रिप्ट लिखकर तैयार कर ली थी. सिर्फ 40 सेकेंड और एक पूरा परिवार इतिहास बन गया. सहारनपुर की कौशिक विहार कॉलोनी में राठी परिवार के खात्मे की यह कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है, जहां सरकारी नौकरी थी. खुशहाल परिवार था. नए घर में शिफ्ट होने की तैयारी थी. फिर अचानक गोलियों की आवाज़ ने सबकुछ बदल दिया. सुबह जब दरवाज़ा टूटा, तो अंदर खून से सना एक ऐसा खौफनाक मंजर था, जिसने पूरे शहर को हिला दिया. सवाल सिर्फ इतना नहीं था कि किसने मारा, बल्कि सवाल ये था कि आख़िर क्यों?
सहारनपुर का राठी परिवार इन दिनों चर्चाओं में है. 40 साल के अशोक राठी. 37 साल की उनकी पत्नी अंजिता राठी. अशोक की 70 साल की बुजुर्ग मां विद्यावती. 16 साल का बड़ा बेटा कार्तिक और 13 साल का छोटा बेटा देव. अफसोस कि ये पूरा का पूरा परिवार ही अब इस दुनिया में नहीं है. सिर्फ 40 सेकेंड. जी हां, सिर्फ चालीस सेकंड में इस परिवार के चार लोग इस दुनिया से चले गए, जबकि पांचवें सदस्य को मरने में कुछ और मिनट का वक़्त लगा.
सभी को उनके घर के अंदर बिल्कुल प्वाइंट ब्लैंक रेंज से सिर में गोली मारी गई. खबर मिलते ही जब सहारनपुर की पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंची, तो बिस्तर से लेकर दरो-दीवार पर खून के छींटे, गोलियां, गोलियों के खोल और फर्श पर तीन-तीन देसी पिस्टल बिखरी पड़ी थी. लेकिन सवाल ये था कि आखिर इस परिवार के साथ एकाएक ऐसा क्या हुआ कि पूरा का पूरा परिवार ही यूं एक झटके में खत्म हो गया? तो इस कहानी को समझने के लिए आपको सबसे पहले 19 और 20 जनवरी की दरम्यानी रात में जाना होगा.
सहारनपुर के कौशिक विहार कॉलोनी के रहने वाले अशोक राठी की दो बहनें हैं. दोनों बहनें भी सहारनपुर में रहती हैं. इनमें एक बहन को अशोक राठी अपने मोबाइल से रात 3 बज कर 12 मिनट पर 1 मिनट 18 सेकंड का एक ऑडियो मैसेज भेजता है. जिसमें वो कहता है-
"बहन मुझसे बड़ी ग़लती हो गई. मैंने मां, तेरी भाभी और दोनों बच्चों की गोली मार दी, उनकी जान ले ली. अब मैं भी सुसाइड करने जा रहा हूं. मेरा अंतिम संस्कार गांव खारी बांस में करना और मेरे हिस्से की जो भी प्रॉपर्टी है, वो तुम दोनों बहनें आपस में बांट लेना."
अब इतनी रात गए भला एक ऑडियो मैसेज पर किसी का कैसे ध्यान जाता? लिहाजा, जब सुबह बहन नींद से जगी और उसने अपना मोबाइल फोन चेक किया, तो उसे एक के बाद एक अपने भाई अशोक की तरफ से भेजे गए एक नहीं, बल्कि तीन-तीन मैसेज मिले. इनमें पहला मैसेज तो वही था, जिसका जिक्र हमने अभी-अभी आपके सामने किया, जबकि बाकी दो मैसेज में उसने अपनी एकाउंट डिटेल, प्रॉपर्टी और ऐसी ही दूसरी जरूरी बातें रिकॉर्ड की थी.

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