
धोनी की 183 रनों की पारी से प्रेरित हुए थे मोक्ष मुरगई, घरेलू क्रिकेट में मचा रहे धमाल
AajTak
घरेलू क्रिकेट में मोक्ष मुरगई के नाम 250 से ज्यादा विकेट, 30 से अधिक शतक और 50 से अधिक अर्धशतक हैं. दिल्ली के पीतमपुरा में रहने वाले मोक्ष नोएडा में आशीष नेहरा क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग करते हैं.
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने साल 2005 में श्रीलंका के खिलाफ 183 रनों की पारी खेलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तहलका मचा दिया था. धोनी की ये पारी क्रिकेट इतिहास की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक है. उनकी इस पारी से कई युवा क्रिकेटरों को प्रेरणा मिली और उन्हीं में से एक हैं दिल्ली के मोक्ष मुरगई. 21 साल का ये युवा क्रिकेटर धोनी की इस पारी को ही देखकर क्रिकेट खेलना शुरू किया. मोक्ष बताते हैं, 'मैं 6-7 साल का था. परिवार के साथ बैठा हुआ था और टीवी पर मैच चल रहा था. धोनी लंबे-लंबे छक्के मार रहे थे. उनके लंबे-लंबे बाल थे. काफी कूल लगे रहे थे वो. उनकी उस पारी से मुझे प्रेरणा मिली.' मिडिल ऑर्डर में बैटिंग करने वाले मोक्ष टीम की जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी करते हैं. अगर टीम को तेज गति से रन बनाने की जरूरत होती है तो मोक्ष वो करते हैं. इसके अलावा अगर टीम के 2-3 विकेट जल्दी गिर गए और पारी को संभालने की जरूरत हो तो मोक्ष ये काम भी बखूबी करते हैं.
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट के राजनीतिक तनाव का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट पर दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC भविष्य के बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है. 2029 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2031 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया मजबूत विकल्प बनकर उभरा है, जबकि एशियाई देशों के बीच यात्रा विवाद से शेड्यूलिंग मुश्किल हो गई है.

वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.









