
गुजरात के 6 आयुर्वेद कॉलेजों का ऐफिलियेशन रद्द, कम हुईं 330 सीटें, ये थी कमियां
AajTak
गुजरात में कई आयुर्वेद कॉलेजों के ऐफ़िलियेशन रद्द कर दिए गए हैं. बताया गया है कि इन कॉलेजों में लैब समेत कई जरूरी सुविधाओं की कमी थी. रद्द किए हुए कॉलेजों में एक सरकारी कॉलेज भी शामिल है.
गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने राज्य के कई आयुर्वेद कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सख्त कदम उठाए हैं. विश्वविद्यालय ने फैसला लिया है कि इस साल अहमदाबाद, गांधीनगर, कलोल, महिसागर, आनंद और गोधरा जिलों में स्थित 6 आयुर्वेद कॉलेजों का ऐफ़िलियेशन रद्द किया जाए. इनमें अहमदाबाद का एक सरकारी कॉलेज भी शामिल है.
सरकारी आयुर्वेद कॉलेज भी बंद
आमतौर पर ऐसी सख्त कार्यवाही सरकारी कॉलेज पर कम ही देखी जाती है, लेकिन अहमदाबाद की सरकारी अखंडानंद आयुर्वेद कॉलेज में OPD और IPD तीनों अलग-अलग जगह होने की वजह से ऐफ़िलियेशन रद्द करने का फैसला लिया गया है. अखंडानंद आयुर्वेद कॉलेज के अलावा बाकी के पांच सेल्फ फाइनेंस कॉलेज का ऐफ़िलियेशन रद्द किया गया है.
जिन कॉलेजों के ऐफ़िलियेशन रद्द किए गए हैं उसमें सरकारी अखंडानंद आयुर्वेद कॉलेज, अहमदाबाद, श्री बाला हनुमान आयुर्वेद कॉलेज, गांधीनगर, अनन्या कॉलेज ऑफ आयुर्वेद, कलोल, धन्वंतरी आयुर्वेद कॉलेज - होस्पिटल, महिसागर, भार्गवा आयुर्वेद कॉलेज, आनंद, जय जलाराम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, गोधरा शामिल हैं.
ऐफ़िलियेशन रद्द होने पर 330 सीटें हुईं कम
गुजरात में कुल 29 आयुर्वेद कॉलेज कार्यरत हैं, जिनमें 2400 सीटें उपलब्ध है. लेकिन 6 आयुर्वेद कॉलेजों का ऐफ़िलियेशन रद्द करने के बाद अब भविष्य में राज्य की केवल 23 आयुर्वेद कॉलेजों में ही विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जा सकेगा. 6 आयुर्वेद कॉलेजों का ऐफ़िलियेशन रद्द होने से राज्य में 330 आयुर्वेद क्षेत्र में सीटें कम हो गई हैं.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










