
Test Cricket Change in Fastest Format: टेस्ट का बदल रहा ढंग, चढ़ा फटाफट क्रिकेट का रंग... कहां गुम हो गया वो रोमांच
AajTak
कुछ दिग्गजों का मानना है कि टी20 फॉर्मेट आने से टेस्ट फीका होता जा रहा है. ऐसे में टेस्ट फॉर्मेट में भी रोमांच लाना चाहिए. यह रोमांच लाने की एक वजह दर्शकों को आकर्षित करना और ब्रॉडकास्टर्स को लुभाना भी मान सकते हैं. यही वजह है कि टेस्ट में रोमांच लाने के लिए सपोर्टिंग पिच बनाई जी रही हैं.
Test Cricket Change in Fastest Format: टेस्ट क्रिकेट में हमेशा ही लीड चढ़ाने, लीड उतारने, फॉलोऑन देने, फॉलोऑन उतारने और फिर इन सबके बीच टारगेट बड़ा हो तो ड्रॉ के लिए जद्दोजहद करने का रोमांच देखने को मिला है. या कह दें कि अब ऐसा रोमांच देखने को मिलता ही नहीं है. यह रोमांच कहीं गुम सा होता जा रहा है. इसके कारण एक नहीं अनेक हैं. मगर फैन्स और दिग्गज इसमें बड़ा कारण फटाफट क्रिकेट यानी टी20 फॉर्मेट को मानते हैं.
टी20 फॉर्मेट का असर यह देखने को मिल रहा है कि अब टेस्ट मैच बहुत ही कम ड्रॉ हो रहे हैं. इस 5 दिवसीय मैच में भी फटाफट क्रिकेट का रंग चढ़ता दिख रहा है. तभी तो 'बैजबॉल' जैसे नए रंग और ढंग इस फॉर्मेट में भी देखने को मिल रहा है.
टेस्ट मैच अब भी पांच दिनों का होता है, लेकिन पांचवें दिन तक चलता बहुत ही कम है. ज्यादातर टेस्ट 4 या उससे कम दिनों में ही खत्म हो जाते हैं. यानी नतीजा निकलने का प्रतिशत 90 से ज्यादा का हो गया है. खिलाड़ियों के बीच ड्रॉ के लिए जद्दोजहद करने का रोमांच पूरी तरह से गुम हो गया है.
यह बात हम नहीं बल्कि आंकड़े कह रहे हैं. हम ज्यादा नहीं, सिर्फ पिछले एक साल का रिकॉर्ड देखें तो इस दौरान कुल 46 टेस्ट मैच खेले गए हैं. इनमें से 9 टेस्ट मैच ही 5 दिन तक चले. कई टेस्ट मैच 3 दिन या 2 दिन में ही खत्म हो गए. बड़ी बात तो यह है कि इन 46 में से सिर्फ एक ही टेस्ट ड्रॉ पर खत्म हुआ है.
यदि पिछले 10 टेस्ट मैचों का ही रिकॉर्ड देखें, तो इसमें सिर्फ एक मैच ही ऐसा रहा है, जो 5वें दिन तक चला है. 9 मुकाबले तो 4 या उससे कम ही दिनों में खत्म हो गए हैं. जैसा कि ऊपर बताया गया है इस रोमांच के गुम होने के कारण एक नहीं अनेक हैं. मगर यहां कुछ प्रमुख कारणों पर गौर कर सकते हैं.

बांग्लादेश ने फिर दी ICC को गीदड़भभकी, टी20 वर्ल्ड कप कंट्रोवर्सी के बाद अब बोर्ड चुनाव से बढ़ा बवाल
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड इस समय बड़े विवाद में है. चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों पर सरकारी जांच चल रही है. इस जांच को लेकर कई तरह की बयानबाजियां चल रही हैं. वहीं, आईसीसी को लेकर भी एक पूर्व प्रशासक ने खुलेआम धमकी दी है.












