
Team India ODI World Cup: कप्तान, ओपनर, विकेटकीपर...पूरी टीम पर कन्फ्यूजन! 10 महीने में कैसे जीतेंगे वनडे वर्ल्ड कप?
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वनडे वर्ल्ड कप में अब एक साल से भी कम का वक्त बचा है, लेकिन टीम इंडिया रास्ते से भटकी हुई दिख रही है. अगर समय रहते तैयारियां शुरू नहीं की गईं तो एक बार फिर पिछले दो वर्ल्ड कप जैसी गलती हो सकती है.
टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के सेमीफाइनल में टीम इंडिया को 10 विकेट से हार मिली तो आईसीसी ट्रॉफी जीतने का इंतज़ार लंबा हो गया. भारत ने आखिरी बार कोई आईसीसी ट्रॉफी 2013 में जीती था, जब महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में भारत को चैम्पियंस ट्रॉफी मिली थी. टी-20 वर्ल्ड कप खत्म हुआ तो अब वनडे वर्ल्ड कप का काउंटडाउन शुरू हो गया. लेकिन टीम इंडिया इस वक्त जिन हालातों से गुज़र रही है, ऐसे में एक बार फिर वर्ल्ड कप की तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं और फैन्स को चिंता है जब सिर्फ 10 महीने में ही वर्ल्ड कप होना है तब भारतीय टीम कैसे इतिहास रच पाएगी. कप्तान से लेकर ओपनर तक पर कन्फ्यूजन वनडे वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया काफी वनडे मैच खेलेगी, लेकिन कोच राहुल द्रविड़ की अगुवाई में इतने प्रयोग हो रहे हैं कि अभी तय ही नहीं हो पा रहा है कि आखिर टीम इंडिया का कोर ग्रुप क्या होगा. कप्तान रोहित शर्मा, पूर्व कप्तान विराट कोहली, टीम के उप-कप्तान केएल राहुल जैसे सीनियर प्लेयर्स लगातार ब्रेक ले रहे हैं. सिर्फ बड़ी सीरीज़ में ही इन्हें देखा जाता है, ऐसे में फॉर्म में निरंतरता कैसे आएगी. टी-20 वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा कप्तान थे, न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज़ में हार्दिक पंड्या को कप्तानी मिली और वनडे सीरीज़ में शिखर धवन कप्तान बने. अब बांग्लादेश दौरा होगा तो फिर से रोहित शर्मा को कप्तानी मिल जाएगी. सीनियर प्लेयर्स को आराम मिलता है, तो प्लेइंग कॉम्बिनेशन भी बिगड़ रहा है.
क्लिक करें: संजू सैमसन को टीम इंडिया से ड्रॉप किए जाने पर भड़के शशि थरूर, निशाने पर ऋषभ पंत वनडे में क्या रोहित शर्मा के साथ केएल राहुल ओपनिंग करेंगे या फिर शिखर धवन, अभी तक यह तय नहीं है. चिंता यह भी है कि पिछले कुछ वक्त से वनडे में ये खिलाड़ी साथ खेले ही नहीं, पिछली कुछ वनडे सीरीज में भारत की कप्तानी शिखर धवन ही करते दिखे और रोहित शर्मा आराम करते दिखे. ऐसे में रोहित-राहुल-धवन में से ओपनिंग जोड़ी या टॉप-3 चुनना एक बड़ा संकट है. सिर्फ ओपनिंग जोड़ी ही नहीं बल्कि विकेटकीपर को लेकर भी चिंता बढ़ी है. ऋषभ पंत की व्हाइट बॉल क्रिकेट में खराब फॉर्म चिंता का विषय है, वह लगातार फेल हो रहे हैं और टीम उन्हें मौके भी दे रही है. इस चक्कर में संजू सैमसन, ईशान किशन या अन्य किसी खिलाड़ी को आजमाया नहीं जा रहा है. टेस्ट क्रिकेट में पंत मैच विनर बने हैं, लेकिन वनडे या टी-20 में अभी उन्हें खुद को साबित करना बाकी है. 10 महीने में कैसे जीतेंगे वर्ल्ड कप? वनडे वर्ल्ड कप 2023 में अब सिर्फ कुछ महीने बाकी हैं, अक्टूबर-नवंबर में भारत में ही वर्ल्ड कप होना है. सितंबर तक टीम की घोषणा कर दी जाएगी, लेकिन अभी टीम इंडिया के पास ऐसे 15 खिलाड़ियों का पूल ही पक्का नहीं है जो वर्ल्ड कप की तैयारियों में जुटा हो. यही कारण है कि टीम इंडिया को अब अपने 15 खिलाड़ी तय करने होंगे, ताकि वह लगातार तैयारियों में जुट सकें. वरना एक बार फिर टी-20 वर्ल्ड कप 2021, टी-20 वर्ल्ड कप 2022 जैसी गलतियां दोहराकर टीम इंडिया पर वर्ल्ड कप जीतने का मौका खोने का दबाव बना रहेगा.
क्लिक करें: वर्ल्ड कप को कुछ महीने बाकी, क्या वनडे टीम में जरूरी हैं संजू सैमसन? कहां-कहां बढ़ रही है टीम इंडिया की चिंता? रोहित शर्मा ही वनडे वर्ल्ड कप में कप्तानी करेंगे यह तो तय है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी फॉर्म टीम के लिए मुश्किल पैदा कर रही है. केएल राहुल का स्ट्राइक रेट चिंता बढ़ाता है, लेकिन उनकी वजह से शिखर धवन को मौका नहीं मिल रहा है. टी-20 में कमाल करने वाले सूर्यकुमार यादव को भी अभी वनडे में खुदको साबित करना है, श्रेयस अय्यर वनडे में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. विकेटकीपिंग में ऋषभ पंत को फॉर्म में वापस आना होगा, वरना टीम मैनेजमेंट को संजू सैमसन के बारे में सोचना ही चाहिए. इनके अलावा रवींद्र जडेजा की वापसी, हार्दिक पंड्या की जगह भी लगभग पक्की है. हालांकि, स्पिन यूनिट में टीम इंडिया को युजवेंद्र चहल-रविचंद्रन अश्विन और कुलदीप यादव में से किसी का चयन करना होगा. क्योंकि तेज़ गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और उमरान मलिक जैसे खिलाड़ी कमान संभाल सकते हैं.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट के राजनीतिक तनाव का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट पर दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC भविष्य के बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है. 2029 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2031 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया मजबूत विकल्प बनकर उभरा है, जबकि एशियाई देशों के बीच यात्रा विवाद से शेड्यूलिंग मुश्किल हो गई है.

वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.

पाकिस्तानी टीम की हार क्या हुई, इस पर पूरे मुल्क में लगातार टीम को ट्रोल किया जा रहा है. क्या पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी, क्या पूर्व दिग्गज, क्या सोशल मीडिया के इंफ्लुएंसर और क्या पाकिस्तान के पॉलिटिशिन, सब उनके पीछे पड़ गए . वहीं पाकिस्तान के पूर्व मंत्री ने भी भी उनको ट्रोल करने की कोशिश की, लेकिन वो इस दौरान लाइन क्रॉस कर गए.








