
Success Story: ठेले पर अंडे बेचने वाले का बेटा बना जज, कहा- पिता की मेहनत ने किया मोटिवेट
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Success Story: पिता ने ठेले पर अंडा बेचकर बेटे को पढ़ाया तो बेटे ने भी उनकी मेहनत का मान रखा. आदर्श कुमार ने अति पिछड़ा वर्ग (EBC) कैटेगरी में 120वीं मेरिट हासिल की है. बेटे ने बीपीएससी की 32वीं न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर जज बना और अपने पिता को उनकी मेहनत का इनाम दिया.
BPSC Success Story Adarsh Kumar: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने बीपीएससी 32वीं न्यायिक सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट 2024 जारी कर दिया है. रिजल्ट जारी होने के बाद सफल हुए उम्मीदवारों के संघर्ष और मेहनत की कहानी सामने आ रही हैं. उन्हीं में से एक हैं औरंगाबाद के शिवगंज रहने वाले आदर्श कुमार की. बीपीएससी की 32वीं न्यायिक सेवा परीक्षा पास करके आदर्श कुमार जज बने हैं. आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद आदर्श ने कभी हौसला नहीं हारा और कड़ी मेहनत से अपने परिवार का नाम रोशन किया है. पिता ने अंडे का ठेला चलाकर आदर्श को पढ़ाया है.
अंडे का ठेला चलाते हैं पिता, बेटा बना जज
पिता ने ठेले पर अंडा बेचकर बेटे को पढ़ाया तो बेटे ने भी उनकी मेहनत का मान रखा. आदर्श कुमार ने अति पिछड़ा वर्ग (EBC) कैटेगरी में 120वीं मेरिट हासिल की है. बेटे ने बीपीएससी की 32वीं न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर जज बना और अपने पिता को उनकी मेहनत का इनाम दिया.
मां ने भी कर्ज लेकर बच्चों को पढ़ाया
औरंगाबाद के शिवगंज के रहने वाले आदर्श कुमार के पिता विजय साव ठेले पर अंडा और ब्रेड बेचते हैं. इसी से अपने 7 सदस्यीय परिवार का भरण पोषण करते हैं. ऐसे में उनका पारिवारिक जीवन कितनी तंगी से गुजर रहा होगा सहज समझा जा सकता है. इसके बाद भी उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए हर संभव कोशिश की. अपनी तरफ से बच्चों की पढ़ाई में पैसों की वजह से कोई रुकावट नहीं आने दी. यहां तक कि उनकी पत्नी सुनैना ने सेल्फ हेल्प ग्रुप से कर्ज लेकर बच्चों को पढ़ाया. हालांकि कर्ज लेने की बात उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों से छिपाकर रखी और कभी भी बेटों को कर्ज के बारे में कुछ नहीं बताया.
माता-पिता से मिली मेहनत करने की प्रेरणा

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