
Sourav Ganguly: 'BJP में नहीं गए इसलिए...', सौरव गांगुली की BCCI से छुट्टी पर TMC का हमला
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टीएमसी के सांसद डॉक्टर शांतनु सेन ने कहा कि सौरव गांगुली को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा जॉइन करने का कई बार ऑफर दिया. नहीं मानने पर गांगुली को बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से हटाया जा रहा है. इस पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी राजनीति करने की आदी है और यहां भी ऐसा ही कर रही है...
Sourav Ganguly: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को अब नया अध्यक्ष मिलना लगभग तय माना जा रहा है. बोर्ड के अलग-अलग पदों पर चुनाव होना है, लेकिन माना जा रहा है कि नतीजे निर्विरोध ही निकल जाएंगे. मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली की जगह 1983 वर्ल्ड कप की विजेता टीम के सदस्य रहे रोजर बिन्नी नए अध्यक्ष बन सकते हैं. यानी गांगुली का बतौर बोर्ड अध्यक्ष अब सफर खत्म होने जा रहा है, सौरव ने साल 2019 में यह पद संभाला था.
रोजर बिन्नी के सौरव गांगुली की जगह बीसीसीआई का अध्यक्ष बनने की संभावना से जुड़ी खबरों के बीच पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान को ‘अपमानित करने की कोशिश’ करने का आरोप लगाया, क्योंकि वह उन्हें पार्टी में शामिल करने में विफल रहे.
जय शाह सचिव पद पर बने रहेंगे!
तृणमूल के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा ने पिछले साल के विधानसभा चुनाव से पहले लोगों के बीच यह संदेश फैलाने की कोशिश की थी कि राज्य में बेहद लोकप्रिय गांगुली पार्टी में शामिल होंगे. टीएमसी के सांसद डॉक्टर शांतनु सेन ने कहा कि यह राजनीतिक प्रतिशोध का एक उदाहरण है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह दूसरे कार्यकाल के लिए बीसीसीआई के सचिव पद पर बने रह सकते हैं, लेकिन गांगुली अध्यक्ष पद पर ऐसा नहीं कर सकते. ये इसलिए क्योंकि गांगुली कोलकाता से हैं और भाजपा जॉइन नहीं की है?
शांतनु ने कहा कि हम गांगुली के साथ हैं. हालांकि भाजपा ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी ‘प्रिंस ऑफ कोलकाता’ के नाम से लोकप्रिय गांगुली को पार्टी में शामिल करने की कोशिश नहीं की.
गांगुली ने अमित शाह का ऑफर ठुकराया, तो ऐसा कर रहे

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