
Sarfaraz Khan Struggle Story: प्लॉट पर सोया, घर नहीं जाता था, बहुत मुश्किलें देखीं... सरफराज खान ने बताई अपनी स्ट्रगल स्टोरी, VIDEO
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Sarfaraz Khan India Today Conclave 2024: इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में आए सरफराज खान ने अपने शुरुआती मुश्किल दिनों को याद किया, इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने किस तरह स्ट्रगल किया. सरफराज ने इंग्लैंड के खिलाफ संपन्न अपनी डेब्यू सीरीज के 3 मैचौं में 50 के एवरेज से 200 रन बनाए थे.
Sarfaraz Khan reveal Struggle Story India Today Conclave 2024: घरेलू क्रिकेट में धूम मचाने के बाद सरफराज खान को एक लंबे इंतजार के बाद भारतीय टीम में हाल में संपन्न इंग्लैंड सीरीज में डेब्यू करने का मौका मिला था. सरफराज ने भी मिले मौके को नहीं गंवाया और धमाकेदार प्रदर्शन किया. इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में 15 मार्च को पहुंचे सरफराज ने इस दौरान अपने मुश्किल दिनों को याद किया. उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता (नौशाद खान) कैसे उनके साथ डटे रहे.
सरफराज ने क्रिकेट के अपने शुरुआती दिनों के बारे में कहा- मैं जब छोटा था गर्मियों की छुट्टियों में पूरे दिन ग्राउंड पर ही रहता था. मैं तब प्लॉट पर ही सो जाता था, क्योंकि घर जाने के लिए लेट हो जाता था...सुबह पांच बजे फिर आना होता था, उसके बाद पूरे दिन प्रैक्टिस, फिर शाम को मैच खेलता था. सरफराज ने कॉन्क्लेव में कहा कि शुरुआत से वो ग्राउंड पर रहे हैं, खुद विकेट (पिच) भी बनाई है. माली (गार्डनर) लोगों के साथ वो रहे हैं.
क्रिकेट में जब उन्होंने प्रोग्रेस की तो डैडी (नौशाद खान) हमेशा उनके साथ रहे. सरफराज बोले- यह बात मैंने आजतक कभी नहीं बताई... मेरे पिता ट्रैक पैन्ट का काम करते थे, तो उसकी पूरी जम्बो थैली (पॉलीथीन) बाइक आगे रखते थे, मैं पीछे रहता था. फिर हम दोनों बारिश में भीगकर मैदान तक जाते थे. 26 साल के सरफराज खान बोले- मैं इतनी मुश्किल से यहां आया हूं, कई चीजें देखी हैं, तो ये सारी चीजें देखकर मैं ग्राउंडेड ही रहता हूं.
टेस्ट क्रिकेट में दिन का घोड़ा बनना पड़ता है
इस दौरान कॉन्क्लेव में ध्रुव जुरेल और सरफराज खान से जब आईपीएल (टी20) के ग्लैमर और टेस्ट क्रिकेट की तुलना पर सवाल पूछा गया. इस पर सरफराज ने कहा, 'मैं तो बचपन से ही सुनता आया था, टेस्ट क्रिकेट को ही असली क्रिकेट माना जाता है. अब्बू (नौशाद खान) भी यही कहते थे कि टेस्ट मैच खेलना है. जब हाल में मैं खेला तो समझ आया कि असली क्रिकेट टेस्ट मैच ही है.'
सरफराज खान ने कहा दोनों ही क्रिकेट में अलग तरह की मेहनत करनी चाहती हैं. जब व्हाइट बॉल क्रिकेट (टी20 और वनडे ) क्रिकेट आ रहा है तो उसके लिए अलग मेहनत लगती है. वहीं टेस्ट मैच में अलग तरह की मेहनत करनी होती है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी प्रैक्टिस पर निर्भर होता है.

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