
Rohit Sharma Team India: करारी हार... फिर भी एक्शन के मूड में नहीं BCCI, विंडीज के खिलाफ रोहित ही करेंगे कप्तानी!
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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल मुकाबले में हार के बाद से रोहित शर्मा की टेस्ट कप्तानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक रोहित शर्मा की टेस्ट कप्तानी पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है. रोहित अगर खुद हटने का फैसला नहीं करते हैं तो वह वेस्टइंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में कप्तानी करेंगे.
वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल मुकाबले में भारत को ऑस्ट्रेलिया के हाथों शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था. इस हार के चलते टीम इंडिया का आईसीसी खिताब जीतने का सपना टूट गया था. टीम इंडिया ने आखिरी बार साल 2013 में आईसीसी खिताब अपने नाम किया. शर्मनाक हार के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की टेस्ट कप्तानी भी सवालों के दायरे में है. रोहित लगातार दूसरी बार आईसीसी के नॉकआउट मैच में बतौर कप्तान फ्लॉप साबित हुए हैं.
रोहित की कप्तानी पर खतरा नहीं!
अब रोहित शर्मा को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आ रही हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रोहित शर्मा की टेस्ट कप्तानी पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है. रोहित शर्मा अगर खुद हटने का फैसला नहीं करते हैं तो वह दो टेस्ट की सीरीज में भारतीय टीम की अगुवाई करेंगे. रोहित हालांकि डोमिनिका और पोर्ट ऑफ स्पेन में होने वाले दूसरे टेस्ट में अगर कोई बड़ी पारी नहीं खेलते हैं तो बीसीसीआई पर कड़ा फैसला करने का दबाव जरूर बनेगा.'
बीसीसीआई एक वरिष्ठ सूत्र ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, 'ये निराधार बातें हैं कि रोहित को कप्तानी से हटा दिया जाएगा. वह अगले दो साल के विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप सीजन में बरकरार रहेंगे कि नहीं, यह एक बड़ा सवाल है क्योंकि 2025 में WTC के तीसरे सीजन के समाप्त होने के समय वह लगभग 38 वर्ष के होंगे.'
उन्होंने कहा, 'फिलहाल मेरा मानना है कि शिव सुंदर दास और बाकी सेलेक्टर्स को विंडीज के खिलाफ दो टेस्ट के बाद और उनकी बल्लेबाजी फॉर्म को देखते हुए फैसला करना होगा. बीसीसीआई अन्य खेल बोर्ड के विपरीत बहुत अलग तरीके से काम करता है. बीसीसीआई में शीर्ष अधिकारियों का मानना रहता है कि जब आलोचना चरम पर पहुंच जाती है तो भी आप फैसले नहीं लेते.
सूत्र ने कहा, 'वेस्टइंडीज दौरे के बाद दिसंबर के अंत तक कोई टेस्ट नहीं है जब टीम साउथ अफ्रीका की यात्रा करेगी. इसलिए चयनकर्ताओं के पास विचार-विमर्श करने और निर्णय लेने के लिए पर्याप्त समय है, तब तक पांचवें सेलेक्टर (नया अध्यक्ष) भी समिति में शामिल हो जाएंगे और तब फैसला किया जा सकता है.'

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












