
Rohit Sharma: 'वर्ल्ड कप में कमाल नहीं कर पाए रोहित...', कप्तानी पर दिनेश कार्तिक का बड़ा बयान
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टीम इंडिया इस साल वनडे वर्ल्ड कप खेलने जा रही है और अलग फॉर्मेेट, अलग कप्तान को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं. दिनेश कार्तिक ने बयान दिया है कि भारतीय टीम अब इस ओर बढ़ सकती है, यह वर्ल्ड कप में टीम के परफॉर्मेंस से दिखना शुरू हो जाएगा.
भारतीय टीम अभी न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज खेल रही है, उससे पहले वनडे सीरीज चल रही थी. दोनों ही फॉर्मेट में भारत को अलग-अलग कप्तानों ने लीड किया है, ऐसे में सवाल उठता है कि क्या टीम इंडिया आगे इसी तरह अलग-अलग लीडर्स की अगुवाई में खेलेगी. स्टार क्रिकेटर दिनेश कार्तिक का कहना है कि आने वाले वनडे वर्ल्ड कप के बाद भारत की अलग फॉर्मेट-अलग कप्तान वाली बात सही साबित हो सकती है.
दिनेश कार्तिक का कहना है कि यह खुद ही साबित होता है. हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वनडे वर्ल्ड कप तक अब भारतीय टीम को ज्यादातर टी-20 मैच ही खेलने हैं. आईपीएल के बाद वेस्टइंडीज़ सीरीज़ है, जिसके बाद चीज़ें साफ हो जाएंगी कि क्या हम अलग फॉर्मेट-अलग कप्तानी की ओर बढ़ रहे हैं.
दिनेश कार्तिक ने कहा कि अगर रोहित शर्मा की टीम कुछ स्पेशल नहीं कर पाती है, तब हम इस ओर बढ़ सकते हैं. अगर रोहित वनडे वर्ल्ड कप में कुछ कमाल कर लेते हैं, तो शायद अब 2024 का टी-20 वर्ल्ड कप भी उनकी कप्तानी में खेल सकते हैं.
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी-20 में मिली हार को लेकर दिनेश कार्तिक ने कहा कि हार्दिक पंड्या ने भारतीय टीम की अच्छी कप्तानी की है, इस मैच के अलावा बाकी मैचों में टीम इंडिया को जीत ही मिली है. विराट कोहली के बाद हार्दिक पंड्या एक ऐसे प्लेयर हैं, जिन्हें आप बड़े गेम में बेहतर करते हुए देखना चाहते हैं.
गौरतलब है कि टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के बाद से ही रोहित शर्मा, विराट कोहली जैसे प्लेयर्स टी-20 फॉर्मेट में नहीं दिखाई दिए हैं. ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या सीनियर्स अब टी-20 फॉर्मेट में नहीं आएंगे और हार्दिक पंड्या की अगुवाई में ही टीम अगले वर्ल्ड कप की ओर बढ़ रही है.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












