
Rahul Dravid Gautam Gambhir: राहुल द्रविड़ के मुकाबले ज्यादा एग्रेसिव है गौतम गंभीर की एप्रोच... कानपुर टेस्ट ने कर दिया साबित!
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कानपुर के दो टेस्ट मैचों के बीच का अंतर किसी भी तरह से टेस्ट मैचों में मुख्य कोच के रूप में द्रविड़ की विरासत पर नकारात्मक प्रभाव नहीं डालता है. जब बॉडी लैंग्वेज की बात आती है तो गंभीर और द्रविड़ एक-दूसरे से बिल्कुल अलग नजर आते हैं.
कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम ने हाल के दिनों में दो बिल्कुल अलग टेस्ट मैचों की मेजबानी की है- एक 2021 में और दूसरा 2024 में. दोनों टेस्ट मैचों ने भारत के लिए चुनौतियां पेश कीं, लेकिन नतीजे बिल्कुल अलग थे. नवंबर 2021 में मुख्य कोच के रूप में कमान संभालने वाले राहुल द्रविड़ के कार्यकाल में भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत के करीब पहुंच गई थी, लेकिन कड़े मुकाबले में ड्रॉ के लिए मजबूर होना पड़ा.
भारतीय टीम ने जीत के साथ रचा इतिहास
इस मैच में न्यूजीलैंड की आखिरी विकेट की जोड़ी ने करीब 10 ओवर तक बल्लेबाजी की और भारत को जीत से वंचित रखा. इसके विपरीत अक्टूबर 2024 में मुख्य कोच के रूप में अपनी पहली घरेलू टेस्ट सीरीज में गौतम गंभीर की रहते भारत ने बारिश से बाधित टेस्ट में बांग्लादेश के खिलाफ बेहद रोमांचक जीत हासिल की. इसके साथ ही टीम इंडिया टेस्ट मैच जीतने वाली पहली भारतीय टीम बन गई, जिसमें दो पूरे दिन का खेल बारिश के कारण रद्द हो गया था.
Captain @ImRo45 collects the @IDFCFIRSTBank Trophy from BCCI Vice President Mr. @ShuklaRajiv 👏👏#TeamIndia complete a 2⃣-0⃣ series victory in Kanpur 🙌 Scorecard - https://t.co/JBVX2gyyPf#INDvBAN pic.twitter.com/Wrv3iNfVDz
कानपुर में भारतीय क्रिकेट टीम के कोच के रूप में द्रविड़ का पहले टेस्ट में करीबी मुकाबला देखा गया था. भारत ने अपनी पहली पारी में 345 रन बनाने के बाद न्यूजीलैंड को 296 रनों पर आउट कर दिया, जिससे उसे 49 रनों की बढ़त हासिल हुई. हालांकि टीम दूसरी पारी में 51 रनों पर 5 विकेट खोकर मुश्किल स्थिति में आ गई.
श्रेयस अय्यर (65), ऋद्धिमान साहा (61) और अक्षर पटेल (28) ने पारी को संभाला और चौथे दिन देर से पारी घोषित करने से पहले भारत को 7 विकेट पर 234 रनों पर पहुंचाया. आलोचकों ने पारी घोषित करने के समय पर सवाल उठाए, क्योंकि इससे न्यूजीलैंड के पास मैच बचाने के लिए पर्याप्त समय रह गया.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट के राजनीतिक तनाव का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट पर दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC भविष्य के बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है. 2029 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2031 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया मजबूत विकल्प बनकर उभरा है, जबकि एशियाई देशों के बीच यात्रा विवाद से शेड्यूलिंग मुश्किल हो गई है.

वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.

पाकिस्तानी टीम की हार क्या हुई, इस पर पूरे मुल्क में लगातार टीम को ट्रोल किया जा रहा है. क्या पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी, क्या पूर्व दिग्गज, क्या सोशल मीडिया के इंफ्लुएंसर और क्या पाकिस्तान के पॉलिटिशिन, सब उनके पीछे पड़ गए . वहीं पाकिस्तान के पूर्व मंत्री ने भी भी उनको ट्रोल करने की कोशिश की, लेकिन वो इस दौरान लाइन क्रॉस कर गए.








