
Minister Murder Mystery: कोर्ट ने खारिज की आरोपी की डीटेल्ड मानसिक जांच की याचिका
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नब किशोर दास की हत्या की जांच कर रही राज्य पुलिस की अपराध शाखा ने सोमवार को कहा कि आरोपी गोपाल दास की डीटेल्ड मानसिक जांच के अनुरोध को अदालत ने खारिज कर दिया है. क्राइम ब्रांच ने एक बयान में यह भी कहा कि आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य की जांच के लिए चार मनोचिकित्सकों का एक विशेष बोर्ड गठित किया गया था, जिसने सुझाव दिया कि उसकी डीटेल्ड जांच की जरूरत है.
ओडिशा के मंत्री नब किशोर दास की हत्या की जांच कर रही राज्य पुलिस की अपराध शाखा ने सोमवार को कहा कि आरोपी गोपाल दास की डीटेल्ड मानसिक जांच के अनुरोध को अदालत ने खारिज कर दिया है. क्राइम ब्रांच ने एक बयान में यह भी कहा कि आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य की जांच के लिए चार मनोचिकित्सकों का एक विशेष बोर्ड गठित किया गया था, जिसने सुझाव दिया कि उसकी डीटेल्ड जांच की जरूरत है.
बयान में यह भी दावा किया गया है कि पुलिस के बर्खास्त सहायक उप-निरीक्षक गोपाल दास का "मानसिक बीमारी का लंबा इतिहास" है. बोर्ड ने उसकी जांच की और झारसुगुड़ा में उसका विश्लेषण किया. बाद में उसने कहा कि उसके मानसिक स्वास्थ्य के बारे में निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए आरोपी की डीटेल्ड जांच की जरूरत है.
क्राइम ब्रांच ने मेडिकल बोर्ड की सलाह के अनुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी -1, झारसुगुड़ा के समक्ष निमहंस बैंगलोर में गोपाल दास के एक और बेहतर मेंटल एनालिसिस के लिए प्रार्थना की थी, लेकिन याचिका खारिज कर दी गई थी. बयान में आगे कहा गया है कि इस दलील के साथ "हाइयर फोरम" का रुख किया जा सकता है.
आरोपी का पहले गुजरात के गांधीनगर में पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट किया गया था. 29 जनवरी को झारसुगुड़ा जिले के ब्रजराजनगर इलाके के गांधी चौक में कथित तौर पर गोपाल दास द्वारा ओडिशा के मंत्री नाबा किशोर दास को सीने में गोली मार दी गई थी. घंटों बाद भुवनेश्वर अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई. बता दें कि मंत्री नब किशोर दास को रविवार दोपहर करीब 1 बजे ब्रजराजनगर शहर में ओडिशा पुलिस के एएसआई गोपाल दास ने गोली मार दी. माना जाता है कि आरोपी पुलिस अधिकारी मानसिक विकार से पीड़ित है.

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