
'मुंबई ने दो भाईयों के ड्रामे को नहीं, विकास को चुना' बीएमसी चुनाव नतीजों पर बोले मिलिंद देवड़ा
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मुंबई की सत्ता की असली परीक्षा माने जाने वाले बीएमसी चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर शहर की राजनीति को केंद्र में ला दिया है. देश की सबसे अमीर नगर निगम के जनादेश को सिर्फ स्थानीय चुनाव नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की सियासत की दिशा तय करने वाला संकेत माना जा रहा है. विकास, जवाबदेही और नेतृत्व को लेकर जनता के फैसले पर अब सभी दल अपनी-अपनी व्याख्या कर रहे हैं.
बीएमसी चुनावों के नतीजों के बीच शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने विपक्ष पर सीधा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि मुंबई की जनता ने इस बार बदलाव, जवाबदेही और विकास के लिए वोट किया है, न कि राजनीति के ड्रामे के लिए.
मिलिंद देवड़ा ने कहा, 'एक मुंबईकर के तौर पर मैं मुंबई की जनता का आभारी हूं, जिन्होंने बदलाव, जवाबदेही और विकास के लिए वोट किया है, न कि दो भाइयों के ड्रामे के लिए. आज साफ हो गया है कि मुंबई की राजनीति में अब सिर्फ दो ही भाई देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे हैं और इनका सरनेम है विकास.'
देवड़ा का इशारा साफ तौर पर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की ओर माना जा रहा है, जिन पर उन्होंने 'ड्रामा की राजनीति' करने का आरोप लगाया.
स्याही को लेकर आरोपों पर भी दिया जवाब
बीएमसी चुनाव के बाद विपक्षी दलों के कुछ नेताओं की ओर से यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि वोट डालने के बाद उंगली पर लगाई जाने वाली स्याही को एसीटोन से मिटाया जा सकता है. इस पर भी मिलिंद देवड़ा ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, 'मेरी उंगली पर अब भी स्याही लगी हुई है, जबकि मैं अक्सर हैंड सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करता हूं.'
देवड़ा ने कहा कि चुनावी हार के बाद बार-बार बहाने बनाए जा रहे हैं. 'कभी ईवीएम को दोष दिया जाता है, कभी वोटर लिस्ट में बदलाव को, और अब उंगली की स्याही को. ये सब उन पार्टियों के अंदर लोकतंत्र की कमी को छुपाने के बहाने हैं.'

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