
IND vs BAN 1st Test Chennai: इस मैदान पर भारतीय टीम का धांसू है रिकॉर्ड, अब बांग्लादेश की खेैर नहीं! देखें आंकड़े
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चेपॉक में अब तक 34 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं. भारतीय टीम ने यहां पर अपना आखिरी टेस्ट मैच साल 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था, जिसमें उसने 317 रनों से जीत हासिल की थी. इस मैदान पर रिकॉर्ड तो भारत के पक्ष में है ही, साथ ही अनुभव के मामले में भी भारत बांग्लादेश पर भारी है.
बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के साथ ही भारतीय टीम का घरेलू सत्र शुरू होने जा रहा है. भारत-बांग्लादेश के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 19 सितंबर (गुरुवार) से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेला जाएगा. वहीं दूसरा टेस्ट मैच 27 सितंबर से कानपुर के ग्रीन पार्क में होगा. रोहित शर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम अपनी तैयारियों को और पुख्ता करने के लिए पहले ही चेन्नई पहुंच चुकी थी. दूसरी ओर मेहमान टीम बांग्लादेश भी रविवार (15 सितंबर) को चेन्नई पहुंच गई.
भारत के लिए काफी खास है चेपॉक
चेपॉक और टीम इंडिया के बीच का रिश्ता काफी लंबा एवं ऐतिहासिक है. साल 1952 में भारत ने चेन्नई में ही अपनी पहली टेस्ट जीत (बनाम इंग्लैंड) हासिल की थी, जो कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक मील का पत्थर था. इसी मैदान पर भारत ने अपने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर भी बनाया. 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में करुण नायर की 303* रनों की शानदार पारी की बदौलत भारत ने 759/7 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था.
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इससे पहले वीरेंद्र सहवाग ने भी साल 2008 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ इसी मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में अपना बेस्ट स्कोर (319 रन) बनाया. चेपॉक में दर्शकों की क्षमता लगभग 38,000 है. यहां के दर्शकों को बहुत ही जानकार और खेल भावना से ओतप्रोत माना जाता है. जब 1997 में पाकिस्तान के सईद अनवर ने वनडे में 194 रन बनाकर सर्वोच्च स्कोर बनाया था, तो दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाई थीं.
यह मैदान साल 1936 में रणजी ट्रॉफी के उद्घाटन मैच का भी मेजबान था, जब मद्रास ने मैसूर के साथ खेला. साल 1986 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यहां पर टेस्ट मैच टाई पर छूटा था, जिसमें डीन जोन्स ने 210 रनों की पारी खेली थी. इसी मैदान पर नरेंद्र हिरवानी ने अपने टेस्ट डेब्यू पर 136 रन देकर 16 विकेट लिए थे.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












