
Iftikhar Ali Ptaudi Birth Anniversary: भारत का वो क्रिकेट कप्तान... जिसने इंग्लैंड के लिए भी टेस्ट मैच खेला
AajTak
इफ्तिखार अली खान पटौदी ने कुल मिलाकर 6 टेस्ट मैचों में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने 19.90 की एवरेज से 199 रन बनाए, जिसमें एक शतक शामिल था.
Iftikhar Ali Ptaudi Birth Anniversary: ऐसे कई क्रिकेटर्स मिल जाएंगे, जिन्होंने दो देशों के लिए इंटरनेशल क्रिकेट में भाग लिया. इफ्तिखार अली खान पटौदी भी उन खिलाड़ियों में शामिल रहे. इफ्तिखार पटौदी इंग्लैंड और भारत एवं इंग्लैंड दौने के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले एकमात्र खिलाड़ी थे. इफ्तिखार अली खान 'नवाब पटौदी सीनियर' के नाम से काफी मशहूर थे.
16 मार्च 1910 को पंजाब स्टेट में जन्मे इफ्तिखार अली पटौदी एक बेहतरीन स्ट्रोक मेकर थे. इफ्तिखार पटौदी ने इंग्लैंड की सबसे प्रतिष्ठित ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की, जहां उनकी क्रिकेट प्रतिभा निखरकर सामने आई. साल 1931 में कैम्ब्रिज के खिलाफ ऑक्सफोर्ड के लिए नाबाद 231 रन बनाकर उन्होंने लॉर्ड्स में मौजूद फैन्स को मंत्रमुग्ध कर दिया था. यह यूनिवर्सिटी मैच में काफी सालों तक सर्वोच्च स्कोर रहा था. साल 2005 में सलिल ओबेरॉय ने 247 रन बनाकर इस रिकॉर्ड को ध्वस्त किया था.
डेब्यू टेस्ट में ठोका शतक
साल 1932-33 की बॉडीलाइन सीरीज के पहले मैच में सिडनी में उन्होंने पदार्पण पर मैच खेला. डेब्यू मुकाबले में उन्होंने 102 रनोंं की शतकीय पारी खेली थी. उन्हें दूसरे टेस्ट के बाद बाहर कर दिया गया था. उन्होंने इग्लैंड लिए तीसरी एवं और आखिरी बार जून 1934 में टेस्ट मैच खेला.
भारत के लिए खेले तीन मुकाबले
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1946 में भारत के इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने तीन टेस्ट मैचों में टीम इंडिया की कप्तानी की. उन्होंने उस दौरे में खास प्रदर्शन नहीं किया और महज 55 रन बनाए. पटौदी उसके बाद कोई और टेस्ट मैच नहीं खेल पाए. यानी उन्होंने केवल 6 ही टेस्ट मैच खेले. इस दौरान उन्होंने महज 19.90 की एवरेज से 199 ही रन बनाए, जिसमें एक शतक शामिल था.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के फाइनल तक पहुंचने का भरोसा जताया है. सेमीफाइनल तक पहुंचने के सवाल पर दोनों ने साफ कहा कि लक्ष्य सिर्फ फाइनल है. टीम दबाव में जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बताता है कि पाकिस्तान अभी भी वापसी की उम्मीद जिंदा रखे हुए है.

35 साल के मोहम्मद शमी ने इस रणजी सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 36 विकेट चटकाए हैं और सेमीफाइनल में करियर‑बेस्ट 8/90 निकाली. इसके बावजूद वह टीम इंडिया से बाहर हैं. यह मामला अब केवल फॉर्म या फिटनेस का नहीं रहा. अक्टूबर‑नवंबर में न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है, जो तय करेगा कि उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय सम्मानजनक विदाई के साथ समाप्त होगा या अनिश्चित खामोशी में.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी क्रिकेट के राजनीतिक तनाव का असर अब इंटरनेशनल क्रिकेट पर दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC भविष्य के बड़े टूर्नामेंट भारत से बाहर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है. 2029 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2031 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया मजबूत विकल्प बनकर उभरा है, जबकि एशियाई देशों के बीच यात्रा विवाद से शेड्यूलिंग मुश्किल हो गई है.

वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.

पाकिस्तानी टीम की हार क्या हुई, इस पर पूरे मुल्क में लगातार टीम को ट्रोल किया जा रहा है. क्या पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी, क्या पूर्व दिग्गज, क्या सोशल मीडिया के इंफ्लुएंसर और क्या पाकिस्तान के पॉलिटिशिन, सब उनके पीछे पड़ गए . वहीं पाकिस्तान के पूर्व मंत्री ने भी भी उनको ट्रोल करने की कोशिश की, लेकिन वो इस दौरान लाइन क्रॉस कर गए.








