
Haryana में कल ट्रेनें ना चलाने की चेतावनी, आतंकी संगठन Sikhs for Justice की धमकी के बाद हाई अलर्ट
AajTak
High Alert In Haryana: सिख फॉर जस्टिस की धमकी को देखते हुए पूरे हरियाणा के रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. राज्य के सभी स्टेशनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. खासतौर पर हरियाणा के अंबाला और कुरुक्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
भारत में प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस ने कल (3 जून) हरियाणा में ट्रेनें ना चलाने की धमकी दी है. SFJ के गुरपतवंत सिंह पन्नू ने राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और गृहमंत्री अनिल विज को धमकी दी है कि अगर कल हरियाणा में कोई भी ट्रेन चलाई जाती है तो कुछ होने पर जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी.
सिख फॉर जस्टिस की इस धमकी को देखते हुए पूरे हरियाणा के रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. राज्य के सभी स्टेशनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. खासतौर पर हरियाणा के अंबाला और कुरुक्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
क्या है सिख फॉर जस्टिस?
खालिस्तान की मांग को लेकर कई सारे संगठन बने हैं. इन्हीं में एक सिख फॉर जस्टिस भी है. इस संगठन की शुरुआत 2007 में अमेरिका से हुई थी. इसका सारा कामकाज गुरपतवंत सिंह पन्नू ही देखता है. इस संगठन का मकसद पंजाब को देश से अलग कर खालिस्तान बनाने का है. खालिस्तान यानी खालसाओं की भूमि. ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि इस संगठन को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से फंडिंग होती है. जुलाई 2019 में केंद्र सरकार ने सिख फॉर जस्टिस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था. उसके पाकिस्तान से कनेक्शन की बातें सामने आई थीं.
कई बार हुई कानूनी कार्रवाई
जुलाई 2019 तक नेशनल इन्वेस्टिगेटव एजेंसी (NIA), पंजाब पुलिस और उत्तराखंड पुलिस पन्नू पर 12 क्रिमिनल केस दर्ज कर चुकी थी. इन मामलों में 39 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था. तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के समय भी सिख फॉर जस्टिस का नाम सामने आया था. NIA ने दिसंबर 2020 में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें किसान आंदोलन से जुड़े नेताओं के SFJ से कथित कनेक्शन की बात कही गई थी. इस मामले में 40 से ज्यादा नेताओं को समन भेजा गया था.

मुंबई की सत्ता की असली परीक्षा माने जाने वाले बीएमसी चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर शहर की राजनीति को केंद्र में ला दिया है. देश की सबसे अमीर नगर निगम के जनादेश को सिर्फ स्थानीय चुनाव नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की सियासत की दिशा तय करने वाला संकेत माना जा रहा है. विकास, जवाबदेही और नेतृत्व को लेकर जनता के फैसले पर अब सभी दल अपनी-अपनी व्याख्या कर रहे हैं.

महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों के नतीजों के बीच शिवसेना (शिंदे गुट) नेता संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की पार्टियों पर तीखा हमला बोला है. निरुपम ने कहा कि मुंबई अब भाषा और प्रांत की राजनीति से आगे निकल चुकी है और उसे ज़हर भरे विचार नहीं बल्कि विकास चाहिए. उनके मुताबिक, मुंबईकरों ने एजेंडा तय कर दिया है. विकास, विकास और सिर्फ विकास.

MP water contamination: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की सेंट्रल जोन बेंच ने राज्य के शहरों में सीवेज मिश्रित पानी की सप्लाई को नागरिकों के जीवन के अधिकार का हनन माना है. ग्रीन एक्टिविस्ट कमल कुमार राठी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस शिव कुमार सिंह की बेंच ने पूरे प्रदेश के नगर निगमों और प्रदूषण बोर्ड को कटघरे में खड़ा किया है.










