
Guru Margi: 2026 में गुरु की कृपा, अतिचारी बृहस्पति तीन राशियों को दिलाएगा फायदा, चमकेगी किस्मत
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Guru Margi: 11 नवंबर को वे कर्क राशि में वक्री होंगे, और 5 दिसंबर को वक्री अवस्था में ही वापस मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे. बृहस्पति 11 मार्च 2026 को मार्गी होंगे, जिसे नए साल की शुभ शुरुआत माना जा सकता है.
देवताओं के गुरु बृहस्पति ज्ञान, समृद्धि, भाग्य और विस्तार के कारक माने जाते हैं. सामान्यतः वह एक राशि में लगभग एक वर्ष तक रहते हैं, लेकिन इस बार उनका अतिचारी स्वभाव कुछ अलग परिणाम लेकर आ रहा है. अतिचारी गति के कारण वे बीच-बीच में अन्य राशियों में भी प्रवेश करते रहेंगे. इसी क्रम में 11 नवंबर को बृहस्पति कर्क राशि में वक्री होंगे, और इसके बाद 5 दिसंबर को पुनः वक्री अवस्था में मिथुन राशि में लौट आएंगे. गुरु बृहस्पति 11 मार्च 2026 को मार्गी होंगे, जो कई राशियों के लिए भाग्य का नया द्वार खोलने जैसा होगा. ज्योतिष में माना जाता है कि वक्री बृहस्पति एक राशि पीछे का भी फल देते हैं, इसलिए इस अवधि में कुछ जातकों को अचानक किस्मत का साथ, अधूरे कार्यों में प्रगति और रुकी योजनाओं में नई ऊर्जा मिल सकती है.
मेष राशि
इस पूरे समय में मेष राशि वालों के लिए गुरु का वक्री-मर्गी रूप जीवन में ठहराव के बाद अचानक गति लाएगारुके हुए कामों में तेजी आएगी. नौकरी और करियर में नये अवसर खुलेंगे. धन लाभ के योग बनेंगे, मार्च 2026 के बाद रुके हुए कामों में तेजी आएगी. नौकरी और करियर में नये अवसर खुलेंगे. धन लाभ के योग बनेंगे. पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा और विदेश मामलों में प्रगति संभव होगी. कुछ समय के लिए पारिवारिक दायित्व बढ़ सकते हैं, पर उनका परिणाम सकारात्मक रहेगा. खर्चों पर नियंत्रण रखें और आवेश में निर्णय न लें.
मिथुन राशि
गुरु आपकी ही राशि में पर वक्री अवस्था के कारण मिला-जुला फल देगा. मिथुन राशि वालों के लिए यह समय सबसे अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि गुरु का अतिचारी संचरण सीधे आपके जीवन को प्रभावित करेगा. आत्मविश्वास बढ़ेगा, पर कभी-कभी भ्रम भी उत्पन्न हो सकता है. वक्री गुरु पुराने कामों पर पुनर्विचार करवाएंगे. जो आपके लिए फायदेमंद रहेगा. धन कमाने के नये रास्ते खुलेंगे, पर आय-व्यय में उतार-चढ़ाव भी रहेगा. रिश्तों में स्पष्टता लाने की आवश्यकता होगी. मार्च 2026 के बाद परिस्थितियां पूरी तरह आपके पक्ष में होंगी. प्रमोशन या बड़ा अवसर मिल सकता है. जरूरी दस्तावेज और आर्थिक निर्णय सोच-समझकर ले.
वृश्चिक राशि

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












