
Gold Price Hike: 10 हजार से 60 हजार रुपये के पार... 17 साल में कैसे गोल्ड की कीमत 6 गुनी हो गई?
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सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई है. अमेरिका और यूरोप के बैकिंग संकट ने दुनिया भर के मार्केट को झकझोर दिया है. इस वजह से सोने की कीमतों को सपोर्ट मिला और ये अब तक सबसे रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई हैं.
अमेरिका और यूरोप में बैंकिंग संकट के चलते दुनिया भर के शेयरों मार्केट (Share Market) में गिरावट आई है. इस वजह से भारतीय बाजार में सोने की कीमतों (Gold Price) में रिकॉर्ड उछाल दर्ज की गई है. सोमवार को दिल्ली के सराफा बाजार में सोना 1,400 रुपये महंगा होकर 60,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. वित्तीय संकट (Financial Crisis) की स्थिति में लोगों, खासतौर पर भारतीय निवेश के लिए सोने (Gold) को बेहद पसंदीदा विकल्प मानते हैं. पिछले 17 साल में सोने की कीमतों में छह गुना बढ़ोतरी हुई है.
क्यों बढ़ रही है सोने की कीमत?
मार्केट एक्सपर्ट्स अनुज गुप्ता के मुताबिक, सोने की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से अमेरिका और अन्य देशों में बैंकिंग संकट, कमजोर डॉलर, सेफ हेवन डिमांड और शेयर बाजारों में अनिश्चितता की स्थिति है. शेयर बाजारों में गिरावट के चलते सोने को जो सपोर्ट मिला है, उसके चलते हफ्तेभर पहले 55,000 के स्तर के आस-पास कारोबार कर रहा गोल्ड 60 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े से पार निकल चुका है.
पिछले 17 साल में सोने की कीमतें 10 हजार के आंकड़े से 60 हजार के स्तर तक पहुंची हैं. मई 2006 में सोने का भाव 10, हजार रुपये प्रति 10 ग्राम पर था और अब 60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जा चुका है. कुल मिलाकर 17 साल में सोना 50 रुपये महंगा हुआ है.
17 साल में 50 हजार रुपये चढ़ा सोने का भाव (कीमत प्रति 10 ग्राम)
आगे भी जारी रह सकती है कीमतों में उछाल

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